रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भगवान राम की बहन शांता की ओर से रामलला को विशेष राखी अर्पित की गई। श्रृंगी ऋषि सेवा संस्थान की ओर से यह राखी गाजे-बाजे और शोभायात्रा के साथ अयोध्या पहुंचाई गई।


अयोध्या: भगवान राम की बहन शांता ने भेजी राखी, धान और केले के रेशे से बना है विशेष रक्षा सूत्र

अयोध्या। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भगवान राम की बहन शांता की ओर से रामलला को विशेष राखी अर्पित की गई। श्रृंगी ऋषि सेवा संस्थान की ओर से यह राखी गाजे-बाजे और शोभायात्रा के साथ अयोध्या पहुंचाई गई।

श्रृंगी ऋषि आश्रम महबूबगंज से सैकड़ों रामभक्त राखी, 56 भोग के लिए मिष्ठान, फल और उपहार लेकर अयोध्या पहुंचे। रामभक्तों ने राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास और मंदिर के पुजारी संतोष दास को राखी सौंपी। महंत कमलनयन दास इसे राम मंदिर में रामलला को अर्पित करेंगे।

प्रकृति से जुड़ी है विशेष राखी
इस बार की राखी बाजारू नहीं, बल्कि उड़ीसा के कारीगरों द्वारा धान और केले के तने के प्राकृतिक रेशे से हाथों से तैयार की गई है। संस्थान के अनुसार शांता ने अपने चारों भाइयों – राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के लिए राखी भेजी है।

श्रृंगी ऋषि सेवा संस्थान प्रतिवर्ष यह परंपरा निभाता है। मान्यता है कि शांता महाराज दशरथ की बड़ी पुत्री थीं और उनका जन्म माता कौशल्या से हुआ था। संतानहीन राजा रोमपाद (जो कौशल्या की बहन वर्षिणी के पति थे) को दशरथ ने शांता को गोद दे दिया था। बाद में शांता का विवाह श्रृंगी ऋषि से हुआ था।

पौराणिक कथा के मुताबिक श्रृंगी ऋषि ने ही महाराज दशरथ के पुत्र प्राप्ति के लिए मनोरमा नदी के किनारे मखौड़ा धाम में पुत्रेष्टि यज्ञ कराया था, जिसके फलस्वरूप चारों पुत्रों का जन्म हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *