रूस ने भारत के पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। ‘बार एंड बेंच’ की रिपोर्ट के मुताबिक ‘ग्लोबल आर्बिट्रेशन रिव्यू’ ने बताया है कि भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ एक इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल में रूस का प्रतिनिधित्व करेंगे।

रूस ने भारत के पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। ‘बार एंड बेंच’ की रिपोर्ट के मुताबिक ‘ग्लोबल आर्बिट्रेशन रिव्यू’ ने बताया है कि भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ एक इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल में रूस का प्रतिनिधित्व करेंगे।

यह ट्रिब्यूनल यूक्रेन के सरकारी बैंक ‘ओशदबैंक’ की तरफ से लाए गए एक विवाद की सुनवाई कर रहा है। यह मामला रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध और बैंक के कामकाज पर सैन्य अभियानों के कथित असर से जुड़ा है।

रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला यूक्रेन के डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया इलाकों में ‘ओशादबैंक’ की संपत्ति और बिजनेस ऑपरेशन्स पर उसके दावे से जुड़ा है। बैंक का कहना है कि 2022 में रूस के बड़े पैमाने पर हमले और उसके बाद यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई के कारण उसने ये संपत्तियां और कामकाज खो दिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को यूक्रेन के सरकारी ‘ओशादबैंक’ के साथ चल रहे सैकड़ों मिलियन डॉलर के बड़े निवेश विवाद में अपना मध्यस्थ नियुक्त किया है। ग्लोबल आर्बिट्रेशन रिव्यू की रिपोर्ट के मुताबिक यह विवाद रूस-यूक्रेन युद्ध और उसके कारण हुए नुकसान से जुड़ा है। ‘ओशादबैंक’ का आरोप है कि साल 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर किए गए सैन्य हमले के बाद यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी इलाकों जिनमें डोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसन और जापोरिज्जिया शामिल हैं उन क्षेत्रों में उसकी संपत्ति और बैंकिंग ऑपरेशन्स को भारी नुकसान पहुंचा और रूस ने उन पर कब्जा कर लिया।

बैंक के सीईओ के अनुसार इस युद्ध के कारण बैंक को करीब 460 मिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ है जिसमें 379 मिलियन डॉलर का सीधा नुकसान शामिल है। यह कानूनी लड़ाई 1998 में रूस और यूक्रेन के बीच हुए द्विपक्षीय निवेश समझौते के तहत लड़ी जा रही है। बैंक का कहना है कि रूस ने इस समझौते का उल्लंघन किया है।

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