लद्दाख के शून्य से नीचे तापमान में भी सोनम वांगचुक का मिट्टी का घर बिना हीटर के 18-20°C तक गर्म रहता है।
यह घर पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला और आधुनिक ‘पैसिव सोलर हीटिंग’ तकनीक का बेहतरीन उदाहरण है।
घर की मोटी मिट्टी और ‘रैम्ड-अर्थ’ की दीवारें प्राकृतिक रूप से तापमान को नियंत्रित करती हैं। बड़ी कांच की खिड़कियां सर्दियों में धूप अंदर लाती हैं, जबकि एक गहरे रंग की ‘थर्मल वॉल’ दिन में गर्मी सोखती है और रात में इसे छोड़ती है।
बाहर से साधारण दिखने वाले इस घर के अंदर मॉड्यूलर किचन, सोफे और अटैच बाथरूम जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। इसके अलावा, परिसर में एक ग्रीनहाउस और सेब का बाग भी है, जो दिखाता है कि सही योजना के जरिए ठंडे रेगिस्तान में भी खेती और फसलों का मौसम बढ़ाया जा सकता है।

