🚨🇮🇳 आज बात करते हैं वर्तमान में #विशेषसचिवउप्रशासनखाद्यएवंप्रसंस्करण विभाग लखनऊ के पद पर कार्यरत सरल व्यक्तित्व के धनी, कुशल नेतृत्वकर्ता, तेजतर्रार एवं ईमानदार #IAS_अधिकारी #श्रीराजकमलयादव जी के बारे मे 🇮🇳🚨
✍️ आईएएस राजकमल यादव — एक नजर में
जन्म: 28 दिसंबर 1986, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश में।
गृह-जिला: फिरोजाबाद (UP)
परिवार: उनके पिता कमल किशोर यादव ग्रामीण बैंक में कार्यरत थे।
✍️शिक्षा और प्रारंभिक जीवन
उन्होंने कक्षा 6 तक अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही पूरी की। उसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने सैनिक स्कूल, लखनऊ में दाखिला लिया। वहाँ से 2001 में 10वीं और 2003 में 12वीं की पढ़ाई पूरी की।
स्नातक: चेन्नई के Madras Veterinary College से Veterinary Science में ग्रेजुएशन। ग्रेजुएशन के दौरान ही उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी।
शौक: क्रिकेट खेलना और बॉडी-बिल्डिंग। वे जिम में नियमित व्यायाम करते हैं।
✍️ UPSC सफलता व़ बैच
उन्होंने 2013 बैच के अधिकारी के रूप में पहली ही कोशिश (पहले प्रयास) में सफलता पाई।
उन्होंने 2012 में घोषित परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 21 हासिल की।
✍️ प्रशासनिक करियर और जिम्मेदारियाँ
राजकमल यादव ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ संभाली हैं:
2015 में उन्हें संयुक्त मजिस्ट्रेट (Joint Magistrate) के रूप में लखनऊ में तैनात किया गया था।
बाद में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य किया — जैसे SDM, CDO आदि।
वे उत्तर प्रदेश आयुष सोसाइटी से भी जुड़े — आयुष विभाग में विशेष सचिव (Special Secretary AYUSH) की भूमिका निभाई।
✍️वर्तमान पोस्टिंग (Current Posting)
विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, लखनऊ
इस पद पर उनकी तैनाती 25 मई 2026 से है।
✍️ अब तक की प्रमुख पोस्टिंग
✅अगस्त 2015 – नवंबर 2015 — सहायक सचिव (Assistant Secretary)
गृह मंत्रालय, भारत सरकार (केंद्रीय प्रशिक्षण)
✅नवंबर 2015 – मई 2017 संयुक्त मजिस्ट्रेट (Joint Magistrate)
लखनऊ
✅मई 2017 – दिसंबर 2018- मुख्य विकास अधिकारी (CDO)
प्रतापगढ़
✅दिसंबर 2018 – सितंबर 2019 — विशेष सचिव
सचिवालय प्रशासन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ
✅सितंबर 2019 – जनवरी 2021 – विशेष सचिव
आयुष विभाग, उत्तर प्रदेश शासन
✅जनवरी 2021 – जून 2023 -जिलाधिकारी एवं कलेक्टर (DM)
बागपत
✅जून 2023 – अगस्त 2024 -अपर आयुक्त
उद्योग विभाग, कानपुर नगर
✅अगस्त 2024 – मई 2026 अपर आयुक्त एवं प्रबंध निदेशक
उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम (UPSIC), कानपुर
✅25 मई 2026 – वर्तमान विशेष सचिव
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ
👉कोविड-19 महामारी के दौरान, आयुष विभाग के मिशन डायरेक्टर के रूप में उन्होंने “AYUSH Kavach COVID” नामक मोबाइल ऐप तैयार कराया, जिससे लोगों को आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सुझाव, योग, और संक्रमण-रोधी जानकारियाँ मिल सकें। इससे बड़ी संख्या में लोगों को मदद मिली।
उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Kanpur) में Industries से जुड़ी जिम्मेदारी के साथ-साथ, हाल में Uttar Pradesh Small Industries Corporation (UPSIC) का प्रबंध निदेशक (Managing Director) भी नियुक्त किया गया था।
वे एक बार जिला मजिस्ट्रेट (DM) भी रहे हैं — विशेष रूप से बागपत जिला के DM के तौर पर।
✍️IAS डॉ. राजकमल यादव के प्रमुख कार्य एवं उपलब्धियाँ
✅बागपत के जिलाधिकारी (जनवरी 2021 – जून 2023)
“सजल बागपत अभियान” की शुरुआत कर वर्षा जल संरक्षण, नालों के पुनर्जीवन और भूजल स्तर बढ़ाने पर विशेष कार्य किया।
हिंदन और कृष्णा नदी से जुड़े जल संरक्षण अभियानों में जनभागीदारी को बढ़ावा दिया।
प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को साथ लेकर श्रमदान आधारित मॉडल विकसित किया, जिसकी व्यापक सराहना हुई।
✅ प्रतापगढ़ के मुख्य विकास अधिकारी (CDO)
ग्रामीण विकास, मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन और पंचायत विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया।
स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण आजीविका कार्यक्रमों को गति देने का कार्य किया।
✅आयुष विभाग में विशेष सचिव
आयुष सेवाओं के विस्तार, आयुष मिशन तथा पारंपरिक चिकित्सा से जुड़े कार्यक्रमों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
✅ उद्योग विभाग एवं UPSIC
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को प्रोत्साहन देने, औद्योगिक विकास तथा उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम (UPSIC) के कार्यों को गति देने की जिम्मेदारी निभाई।
✅प्रशासनिक कार्यशैली
जनसुनवाई पर विशेष जोर देने वाले अधिकारी माने जाते हैं।
तकनीक आधारित, पारदर्शी और समयबद्ध प्रशासन के समर्थक हैं।
जल संरक्षण, ग्रामीण विकास और सुशासन उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र रहे हैं।
✍️विशेषताएँ
सरल एवं जनसुलभ प्रशासनिक शैली के लिए जाने जाते हैं।
तकनीक आधारित प्रशासन और पारदर्शिता पर विशेष जोर देते हैं।
हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं।
✍️सामाजिक-प्रेरणादायक पहल
उनके कार्यकाल में (दक्षिण सिक्किम में) जब वह DM थे, तब उन्होंने ऐसे प्रयास किए कि लगभग 7,500 लोगों की जिंदगी बेहतर हुई।
वे खुद दावा करते हैं कि सफलता में उनका बहुत बड़ा योगदान उनके माता-पिता का है, विशेषकर उनके पिता की प्रेरणा ने उन्हें IAS बनने के लिए प्रेरित किया।
उनकी कहानी (गाँव-से-सैनिक स्कूल → स्नातक वेटरनरी → UPSC → IAS) उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो साधारण पृष्ठभूमि से होते हुए भी मेहनत और दृढ़ संकल्प से बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं।
✍️महत्व / क्यों जाना जाता है
“First-attempt success” — पहली ही कोशिश में UPSC क्लियर करना, जो अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है।
सामाजिक सुधार और प्रशासनिक सुधारों में सक्रिय योगदान — especially कोविड-19 के दौरान आयुष विभाग के माध्यम से स्वास्थ्य व जागरूकता सेवाएं।
ग्रामीण पृष्ठभूमि से आकर, कठिन संघर्ष के बाद IAS बनना — उनकी कहानी आम युवाओं को प्रेरित करती है।
क्षेत्रीय और राज्य स्तर पर विकास-कार्य तथा प्रशासनिक सुधारों में भूमिका — DM, Industries Department, AYUSH आदि में कार्य।
Note — और भी प्रशासनिक अधिकारियों के बारे में जानने के लिए मुझे फालो करें 👉 कुलदीप शर्मा

