उत्तराखंड मे निजी स्कूलों की लूट के खिलाफ आर-पार की लड़ाई! अभिभावक संघ

उत्तराखंड के समस्त अभिभावक ध्यान दें: निजी स्कूलों की लूट के खिलाफ आर-पार की लड़ाई!

क्या आपका स्कूल भी आपके बच्चे से हर साल ‘विकास शुल्क’ (Development Charges) या किसी अन्य नाम पर जबरन ‘पुनः प्रवेश शुल्क’ (Re-admission Fee) या ‘वार्षिक शुल्क’ वसूल रहा है?

नैनीताल सहित पूरे उत्तराखंड में कई जगह प्रशासनिक आदेश होने या न होने के बावजूद स्कूल मनमानी कर रहे हैं और शिक्षा निदेशक के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। शिक्षा विभाग, उत्तराखंड के मुख्य आदेश (पत्रांक: आंग्ल0/15-(क)/25694-97/2024-25 दिनांक 24 मार्च, 2025) के अनुसार कोई भी स्कूल छात्रों से दोबारा दाखिला शुल्क या मनमाना एनुअल चार्ज नहीं ले सकता!

अब चुप बैठने का समय नहीं है। इस 3-स्टेप प्रोटोकॉल को अपनाएं और 1-2 महीने में बदलाव देखें:

👉 स्टेप 1: नीचे दिए गए शिकायती पत्र को कॉपी करें। इसमें अपने स्कूल और शहर का नाम भरकर अपने जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और जिलाधिकारी (DM) को स्पीड पोस्ट/रजिस्ट्री द्वारा भेजें।
(⚠️ लिफाफे के ऊपर स्कूल का नाम, शहर/कस्बा और जिले का नाम साफ-साफ लिखें)।

👉 स्टेप 2: यदि पत्र भेजने के 30-35 दिनों के भीतर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो इसी पत्र की एक प्रति सीधे शिक्षा निदेशक को इस पते पर भेजें:
Director, Secondary Education, Directorate of School Education, Nanoorkheda, Raipur Road, Dehradun, Uttarakhand – 248008.

👉 स्टेप 3: शिक्षा निदेशक को पत्र भेजने के बाद भी यदि 30 दिनों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो DEO/DM और शिक्षा निदेशक को भेजे गए मूल पत्रों की फोटोकॉपी (Xerox) और उनकी पोस्टल रसीद/ट्रैकिंग नंबर को स्कैन करके तुरंत इस ईमेल पर भेजें: nipta.uk@gmail.com

इसके बाद NIPTA स्वयं इन सभी डिफॉल्टर स्कूलों के खिलाफ विभिन्न न्यायालयों में जनहित याचिका/मुकदमा दायर कर आपको न्याय दिलाएगी। अपनी गोपनीयता बनाए रखने के लिए पत्र में दिए गए गोपनीयता क्लॉज को न हटाएँ।

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शिकायती पत्र का ड्राफ्ट

सेवा में,
मुख्य/जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एवं जिला मजिस्ट्रेट (DM),
जनपद: [यहाँ अपने जिले का नाम लिखें], उत्तराखंड।

विषय: शिक्षा निदेशक के आदेश (पत्रांक: 25694-97 दिनांक 24.03.2025) के उल्लंघन में विद्यालय द्वारा अवैध शुल्क वसूली की जांच एवं रिफंड के संबंध में।

महोदय,
मैं अपने जनपद के एक निजी विद्यालय [यहाँ स्कूल का नाम और शहर लिखें] का जागरूक अभिभावक हूँ।

आपको अवगत कराना है कि शिक्षा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, उत्तराखंड के स्पष्ट आदेश (पत्रांक: आंग्ल0/15-(क)/25694-97/2024-25 दिनांक 24 मार्च, 2025) एवं शासनादेश संख्या 586/XXIV-3/17/01(11)2007 के बावजूद, उक्त विद्यालय द्वारा वर्तमान छात्रों से ‘विकास शुल्क’ या अन्य मदों के नाम पर अवैध रूप से ‘वार्षिक शुल्क / पुनः प्रवेश शुल्क’ वसूला जा रहा है, जो कि पूरी तरह गैर-कानूनी है। चाहे इस विद्यालय का विभागीय निरीक्षण हुआ हो या नहीं, यह लूट निरंतर जारी है।

अतः आपसे अनुरोध है कि:

  1. इस विद्यालय के शुल्क ढांचे की तत्काल जांच कर नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराएं।
  2. विद्यालय को निर्देशित करें कि वह मुझसे और विद्यालय के सभी अभिभावकों से ली गई अवैध राशि को तत्काल वापस (Refund) करे या मासिक शिक्षण शुल्क में समायोजित करे।

विशेष अनुरोध: जांच प्रक्रिया के दौरान बच्चे के भविष्य की सुरक्षा हेतु मेरी और मेरे पाल्य की पहचान पूरी तरह गोपनीय (Confidential) रखी जाए। यदि जानकारी लीक होने के कारण स्कूल प्रबंधन बच्चे को प्रताड़ित करता है, तो इसके लिए आपका विभाग सीधे जिम्मेदार होगा। मुझे 30 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई से अवगत कराने का कष्ट करें।

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