पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत तेज हो गई है। जादवपुर से लोकसभा सांसद सयानी घोष अब काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल हो गई हैं।

पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत तेज हो गई है। जादवपुर से लोकसभा सांसद सयानी घोष अब काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल हो गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, सयानी ने विद्रोही गुट के समर्थन वाले दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं।

सयानी की नाराजगी का मुख्य कारण यह है कि चुनाव प्रचार के दौरान उन पर हुए हमलों के वक्त पार्टी नेतृत्व ने उनका साथ नहीं दिया। इसके अलावा, उन्हें अपना चुनाव प्रचार छोटा करने को कहा गया था, जिससे उन्हें टीएमसी में अपना भविष्य असुरक्षित लगने लगा।

यह घटनाक्रम राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर रॉय के पार्टी छोड़ने के ठीक बाद सामने आया है। सयानी हाल ही में टीएमसी महिला विंग की प्रमुख बनी थीं। वह अपने ‘काबा-मदीना’ गाने और हाल ही में राघव चड्ढा पर कसे गए तंज (‘मैं चड्ढा नहीं…’) के कारण भी विवादों और चर्चा में रही थीं।

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