उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में जिम संचालकों पर प्रशासन की नजर टेढ़ी हो गई है। हरिद्वार डीएम को भी चाहिए की समस्त जीम संचालको के खिलाफ ऐसे आदेश जारी करें

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में जिम संचालकों पर प्रशासन की नजर टेढ़ी हो गई है।

हाल-फिलहाल में जिम में से जुड़ी घटनाओं के सामने आने केबाद डीएम रविंद्र कुमार मांदर ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

जिम संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिम का रजिस्ट्रेशन हर हाल में कराएं। साथ ही, जिम ट्रेनरों को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं।

डीएम ने कहा है कि जिम ट्रेनरों को अपने वास्तविक नाम से जुड़ा आइडेंटी कार्ड अपने गले में लटकाना होगा।

साथ ही, जिम में ट्रेनिंग करने वाले लोगों की बॉडी को बढ़ाने वाले सप्लीमेंट और इंजेक्शन पर रोक लगाई गई है।

डीएम का कहना है कि बिना डॉक्टरों की सलाह के जिम में किसी भी व्यक्ति को सप्लीमेंट और इंजेक्शन नहीं दिया जाएगा। नियमों को तोड़ने वाले जिम संचालकों पर कार्रवाई की चेतावनी जारी की गई है।

डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने कहा कि जिमों को लेकर बहुत सारे ऐसे मामले आए हैं, जिसमें पता चला है कि जिम ट्रेनर अपनी पहचान छुपा कर काम कर रहे हैं।

साथ ही, जिम ट्रेनरों के नाम बदलकर काम करने की बात सामने आ रही है। जिम ट्रेनरों के नाम और धर्म छुपाकर दूसरे लोगों को परेशान करने की बात सामने आई है।

दरअसल, हाल ही में शामली से जिम ट्रेनर के प्रेम जाल में फंसकर आयुष मलिक के धर्मांतरण का मामला सामने आया है। ब्रेनवॉश कर युवक को धर्म बदलने और मोहम्मद अली बनने की बात सामने आई है। ऐसे में डीएम के इस वक्तव्य को इसी मुद्दे से जोड़कर देखा जा रहा है।

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