उत्तराखंड के नैनीताल स्थित कैंची धाम में 15 और 16 जून को आस्था का महामेला लगेगा।
हर साल 15 जून को आश्रम का स्थापना दिवस मनाया जाता है, जिसकी स्थापना 1964 में बाबा नीम करौली ने की थी। इस वर्ष अधिकमास के कारण 16 जून को 7वां ‘बड़ा मंगल’ भी पड़ रहा है, जिससे यह आयोजन दो दिवसीय महापर्व में बदल गया है। इस दौरान यहां लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
बाबा नीम करौली का असली नाम लक्ष्मण नारायण शर्मा था और उनका जन्म यूपी के फिरोजाबाद में हुआ था। भक्त उन्हें भगवान हनुमान का साक्षात अवतार मानते हैं। उनका नाम ‘नीम करौली’ एक ट्रेन यात्रा की घटना से जुड़ा है। एक बार बिना टिकट होने पर जब उन्हें नीम करौली स्टेशन पर ट्रेन से नीचे उतारा गया, तो ट्रेन अचानक रुक गई और लाख कोशिशों के बाद भी नहीं चली। जब रेलवे कर्मचारियों ने बाबा को वापस ट्रेन में बिठाया, तभी ट्रेन आगे बढ़ी। इसी घटना के बाद उन्हें ‘नीम करौली बाबा’ कहा जाने लगा और वे पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो गए।

