दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा, जिन्हें आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और अन्य सभी आरोपियों को बरी किए जाने को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर आज सुनवाई करनी थी, आज अदालत में उपस्थित नहीं हैं।
केजरीवाल, सिसोदिया और दुर्गेश पाठक ने उनके समक्ष सुनवाई का बहिष्कार करने का विकल्प चुना है।
बता दें कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा दिल्ली हाईकोर्ट की स्थायी न्यायाधीश हैं, जिन्होंने 28 मार्च 2022 को यह पद संभाला था। वह अपने 30 साल से अधिक लंबे न्यायिक करियर और दिल्ली के कथित शराब नीति घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई के लिए चर्चा में हैं। हाल में अरविंद केजरीवाल ने अदालत में उनका बहिष्कार करने का ऐलान किया है।

