18 अगस्त को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 81वीं पुण्यतिथि है। इससे ठीक पहले नेताजी की बेटी अनीता बोस फाफ ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने याचिका में अपने पिता के पार्थिव अवशेषों को जापान से वापस लाने की अपील दोहराई है।
सुप्रीम कोर्ट ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अस्थियों के मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। बताया जाता है कि ये अस्थियां टोक्यो के रेनकोजी मंदिर में रखी हुई हैं। अगस्त 1945 में नेताजी के गायब होने को लेकर कई तरह की बातें कही जाती रही हैं। अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका जाने के बाद शीर्ष अदालत ने इस मामले में जवाब के लिए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
सीजेआई के नेतृत्व वाली बेंच ने जारी किया नोटिस
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता बी. फाफ की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान अदालत ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी पेश हुए। मामले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता फाफ की याचिका पर जारी किया गया है।

