पतंजलि योगपीठ के संस्थापक और प्रसिद्ध योगगुरु बाबा रामदेव ने देश में जातिगत भेदभाव, आरक्षण और सामाजिक मर्यादा को लेकर चल रही बहसों के बीच एक बड़ा और विचारोत्तेजक बयान दिया है।
बाबा रामदेव ने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समानता, गरिमा और आत्मसम्मान का अधिकार देता है। ऐसे में यदि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) का अपमान करना संविधान और कानून के खिलाफ एक दंडनीय अपराध है, तो समाज के किसी भी अन्य वर्ग, विशेष रूप से ब्राह्मणों या सामान्य जातियों का अपमान करना भी उतना ही असंवैधानिक और गलत माना जाना चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातन परंपरा और भारत का संविधान किसी भी समुदाय के साथ दोहरे मापदंड या जाति के आधार पर नफरत फैलाने की इजाजत नहीं देता।

