दिल्ली। जी एंटरटेनमेंट (Zee) के संस्थापक डॉ. सुभाष चंद्रा ने NCLT की कार्यवाही पर एक वीडियो बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि उनके पास अब केवल 6.5 करोड़ रुपये बचे हैं, जो NCLT सेटलमेंट योजना के तहत कर्ज चुकाने में दे दिए जाएंगे।


सुभाष चंद्रा का वीडियो वायरल: “अब सिर्फ 6.5 करोड़ बचे हैं”, NCLT के 22,000 करोड़ वाले फैसले पर दी सफाई

नई दिल्ली। जी एंटरटेनमेंट (Zee) के संस्थापक डॉ. सुभाष चंद्रा ने NCLT की कार्यवाही पर एक वीडियो बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि उनके पास अब केवल 6.5 करोड़ रुपये बचे हैं, जो NCLT सेटलमेंट योजना के तहत कर्ज चुकाने में दे दिए जाएंगे।

चंद्रा ने बताया कि वे फिलहाल एक छोटे मकान में रह रहे हैं और खर्च चलाने के लिए उसका आधा हिस्सा किराए पर दे रखा है।

क्या है NCLT का मामला?
दरअसल NCLT ने सुभाष चंद्रा की व्यक्तिगत दिवाला (Personal Insolvency) प्रक्रिया में ₹22,006.57 करोड़ के स्वीकृत दावों के मुकाबले ₹6.5 करोड़ के रिपेमेंट प्लान को मंजूरी दे दी है। इसमें ₹25 लाख IRP खर्च के लिए हैं। यानी लेनदारों को हर ₹100 पर करीब 3 पैसे मिलेंगे, लगभग 99.97% का हेयरकट।

ये मामला विवेक इंफ्राकॉन को दिए गए लोन से जुड़ा है, जिसके लिए चंद्रा पर्सनल गारंटर बने थे। इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस (अब सम्मान कैपिटल) की याचिका पर अप्रैल 2024 में यह प्रक्रिया शुरू हुई थी।

चंद्रा का पक्ष क्या है?
चंद्रा ने कहा कि ₹22,000 करोड़ उनका व्यक्तिगत कर्ज नहीं है। ये एस्सेल और जी ग्रुप की विभिन्न कंपनियों के लोन पर उनकी पर्सनल गारंटी के तौर पर स्वीकार किए गए कुल दावे हैं।

उनके मुताबिक एस्सेल ग्रुप ने 45,000 करोड़ का कर्ज लिया था, जिसमें से 43,000 करोड़ संपत्तियां बेचकर चुकाए जा चुके हैं। NCLT का मौजूदा मामला मुख्य रूप से पर्सनल गारंटी से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि योजना के विरोधियों का दावा 3,992 करोड़ का है, न कि 22,000 करोड़ का, जिसमें से कुछ भुगतान पहले ही ऑफर किए जा चुके हैं।

बैंकों का विरोध जारी
LIC हाउसिंग फाइनेंस का दावा अकेले ₹1,322.39 करोड़ था, उसे इस प्लान में सिर्फ ₹38 लाख मिलेंगे। इसी वजह से HDFC बैंक समेत कई लेनदार अब NCLAT में अपील की तैयारी में हैं।

तमाम मुश्किलों के बावजूद चंद्रा ने कहा – “मैं एक पायनियर हूं और दोबारा पैसे कमाकर फिर से उठ खड़ा होऊंगा।”

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