मनोज ठाकुर
हरिद्वार (29.10.26) | Ganga News 24
उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी की कार्यशाला में प्रो. डॉ नरेश चौधरी ने भीड़ नियंत्रण प्रबंधन पर साझा किए अनुभव, अकादमी ने किया सम्मानित
उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी नैनीताल द्वारा गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार के पर्यावरण विभाग के सभागार में दो दिवसीय आपदा जागरूकता प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में इंडियन रेड क्रॉस उत्तराखंड के चेयरमैन प्रो. डॉ नरेश चौधरी को विषय विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित किया गया। उन्होंने 160 एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड भौगोलिक परिस्थितियों के कारण दैवीय आपदाओं के लिए अति संवेदनशील है, वहीं जनपद हरिद्वार कुंभ मेला, अर्ध कुंभ, कांवड़ मेला और सोमवती अमावस्या स्नान जैसे विशाल आयोजनों के कारण मानवजनित आपदाओं के प्रति संवेदनशील है।
उन्होंने 1986 कुंभ, 1996 सोमवती अमावस्या, 2010 कुंभ, 2011 शांति कुंभ शताब्दी पर्व और 2025 मंसा देवी में हुई भगदड़ का जिक्र करते हुए कहा कि दैवीय आपदाओं को जागरूकता से कम किया जा सकता है, लेकिन मानवजनित आपदाओं को पूर्ण रूप से रोका जा सकता है। इसके लिए जनमानस को मानसिक रूप से तैयार कर संसाधनों को जुटाना और पूर्व की कमियों को दूर करना होगा।
डॉ चौधरी ने कहा कि कुंभ 2027 में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की अहम भूमिका रहेगी और यह कार्यशाला कुंभ को निर्विघ्न संपन्न कराने में मील का पत्थर साबित होगी।
कोर्स निदेशक डॉ ओम प्रकाश ने भी आपदा प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण दिया। अंत में उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी की ओर से डॉ नरेश चौधरी को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

