जब राम मंदिर की अपनी गौशाला नहीं, फिर 84 करोड़ की जमीन पर उगा चारा किसने खाया? कांग्रेस ने उठाये सवाल?
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने दावा किया कि मंदिर में श्रद्धालुओं की तरफ से दिए गए दान में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
राजपूत ने आरोप लगाया कि दान में गड़बड़ी केवल वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि सनातन धर्म की आस्था से जुड़ा विषय है. सुरेंद्र राजपूत ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रस्ट की तरफ से 84 करोड़ रुपये में मंदिर से लगभग आठ किलोमीटर दूर जमीन खरीदने पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि जब मंदिर की अपनी कोई गौशाला नहीं है, तो उस जमीन पर उगाए जा रहे चारे का उपयोग किसके लिए किया जा रहा है.
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट को सूचना के अधिकार के दायरे से बाहर रखा गया है. उनका कहना था कि यदि ट्रस्ट पूरी तरह धार्मिक संस्था है, तो उसमें बीजेपी से जुड़े लोगों को प्रमुख पदों पर क्यों नियुक्त किया गया?
राजपूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने मंदिर का भूमिपूजन किया. ट्रस्ट का गठन कराया और शीर्ष स्तर की नियुक्तियां भी हुईं. ऐसे में यदि दान में कथित अनियमितता हुई है, तो सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती

