सहारनपुर
सहारनपुर: रंगदारी FIR या सच दबाने का नया फॉर्मूला?
सहारनपुर में अब अमीरों की गलती उजागर करना खतरे से खाली नहीं। रंगदारी का मुकदमा एक ट्रेंड बन गया है। ताजा मामला शहर के चर्चित चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. राजेश शर्मा से जुड़ा है।
डॉ. शर्मा की शिकायत पर थाना जनकपुरी में किसान यूनियन से जुड़े एक नेता के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। आरोप गंभीर हैं – कथित रंगदारी मांगना, दबाव बनाना, धमकी देना और सोशल मीडिया पर छवि खराब करना।
डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलकर शिकायत की थी। उनका कहना है कि शिकायतों की आड़ में आर्थिक मांग की जा रही थी। इससे डॉक्टरों में भय और असुरक्षा का माहौल है। चिकित्सा जगत में रोष है। डॉक्टरों का सवाल है – अगर हम डर में काम करेंगे तो मरीजों का इलाज कैसे होगा?
पर यहां तीन बड़े सवाल खड़े होते हैं। पहला – क्या लोकतंत्र की आवाज कहे जाने वाले पत्रकार खबर छापने से पहले जांच करते हैं? दूसरा पक्ष क्यों नहीं छापा जाता? दूसरा – क्या अधिकारी यह मान लेते हैं कि डॉक्टर है तो उसकी बात सही होगी? तीसरा – क्या हो सकता है कि किसान नेता के आरोपों में भी सच्चाई हो?
FIR दर्ज होने के बाद शहर के सामाजिक, राजनीतिक और चिकित्सा क्षेत्रों में बहस छिड़ गई है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि ये रंगदारी का मामला है या फिर सच बोलने की आवाज को दबाने की साजिश। सूत्र बताते हे थाना जनकपुरी इंस्पेक्टर नेमचंद न्याय प्रिय अच्छे अधिकारी हे जो सच होगा सामने आएगा
फिलहाल सहारनपुर पूछ रहा है – इंसाफ एकतरफा तो नहीं हो रहा?

