वित्तीय वर्ष 2025-26 में महाकाल मंदिर ने इतिहास रचते हुए 144 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड आय दर्ज की है।
यह आंकड़ा पिछले साल यानी 2024-25 के मुकाबले करीब 27 करोड़ रुपये ज्यादा है।
लेकिन इस जादुई आंकड़े के पीछे सिर्फ भक्तों की श्रद्धा नहीं, बल्कि मंदिर प्रशासन का वह कड़ा और पारदर्शी सुरक्षा तंत्र है, जिसने भ्रष्टाचार की हर गुंजाइश को खत्म कर दिया।
इस ईमानदारी की नींव आज से ठीक आठ साल पहले, 22 अगस्त 2018 को पड़ी थी। उस वक्त दान पेटी की गिनती के दौरान एक कर्मचारी, सीपी शर्मा, को सीसीटीवी कैमरों ने 2000 और 500 रुपये के नोट अपनी जेब और जूतों में छिपाते हुए पकड़ लिया था। तत्कालीन कलेक्टर और मंदिर समिति के अध्यक्ष संकेत भोंडवे ने तुरंत एफआईआर दर्ज कराकर सख्त कदम उठाए। उस एक घटना के बाद मंदिर की गिनती व्यवस्था को पूरी तरह से रीबूट कर दिया गया।

