लेखक गाँव उत्तराखण्ड परिवार का हुआ गठन
तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय लेखक गाँव साहित्य, कला-साहित्य व साहित्य महोत्सव 25 से 27 अक्टूबर तक- डाॅ० निशंक
हरिद्वार। देहरादून के जाॅलीग्रांट के निकट थानों स्थित साहित्य, कला व संस्कृति के अन्तर्राष्ट्रीय केन्द्र के रूप में विकसित व बिश्व प्रसिद्ध लेखक गाँव की गतिविधियों से उत्तराखण्ड के बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों, कलाकारों व विद्वानों की सम्बद्धता बढ़ाने तथा वहाँ आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को अधिक सार्थक तथा आकर्षक बनाने के लिये विचार करने के लिये एक आन लाइन विचार गोष्ठी के दौरान ‘लेखक गाँव उत्तराखण्ड परिवार समूह’ का गठन किया गया।
उपरोक्त गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए देश के पूर्व शिक्षा मंत्री, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा अन्तर्राष्ट्रीय सुविधाओं से सम्पन्न लेखक गाँव के परिकल्पनाकार, संस्थापक व संरक्षक डाँ० रमेश पोखरियाल निशंक ने घोषणा की कि लेखक गाँव में तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय लेखक गाँव साहित्य व कला-संस्कृति महोत्सव आगामी 25 से 27 अक्टूबर तक आयोजित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि दुनियाभर के सौ से भी अधिक देशों के विद्वान लेखक गाँव की गतिविधियों से सीधे जुड़ चुके हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कालेज के साहित्यकार डा० वेद प्रकाश के आमंत्रण पर गोष्ठी में शामिल उत्तराखण्ड के अनेक विद्वानों व साहित्यकारों ने अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किये।
गोष्ठी का संयोजन हरिद्वार से चेतना पथ के सम्पादक अरुण कुमार पाठक ने किया, जिसमें हरिद्वार से डाॅ० अशोक गिरि, डाॅ० नीता नय्यर निष्ठा, डाॅ० पुष्पा वर्मा, मीनाक्षी चावला, संतोष साहू, अधिवक्ता ललित मिगलानी, डाॅ० रीना अग्रवाल, डा० विजयेन्द्र पालीवाल, डाॅ० मीरा भारद्वाज, डाॅ० मेनका त्रिपाठी, दीपक पंवार, सचिन पालीवाल, वृंदा वाणी, देहरादून से डाॅ० बेचैन कंडियाल व डाॅ० भारती मिश्रा, ऋषिकेश से चित्रा शर्मा व धीशराज साह, कोटद्वार से डाॅ० बीना वशिष्ठ आदि ने भाग लेते हुए अपने विचार प्रकट किये।

