मनोज ठाकुर
हाल ही में रीवर ट्रेनिंग के नाम पर बंजारे वाला बकेवाला क्षेत्र मे शुक्ररो नदी में खनन के नाम पर रिजर्व फॉरेस्ट में मशीनों के द्वारा खनन किया जा रहा है जो कि नियम विरुद्ध हो रहा है जबकि वन विभाग के द्वारा वन क्षेत्र से एक किलोमीटर के दायरे में किसी भी तरीके का खनन करने पर प्रतिबंध है उसके

बावजूद भी खनन अधिकारी की साथ मिलकर अवैध खनन को बढ़ावा दिया जा रहा है जिसकी शिकायत ग्रामीणों के द्वारा भी की जा रही है उसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है वहां पर रेंजर द्वारा मौके पर जाकर देखा गया कुछ समय के लिए खनन रोक दिया गया उसके बाद फिर मशीनों के द्वारा नदी में खनन कार्य शुरू कर दिया ऐसा महसूस होता है कि खनन माफिया अधिकारियों को कुछ नहीं समझ रहे हैं और अपने कार्य में व्यस्त है जिस क्रेशर पर भी यह माल जा रहा है उसकी भी जांच होनी चाहिए कच्चे माल से लेकर पक्के माल तक की जांच होनी चाहिए की कच्चा माल कहां से आ रही है लोगों के खेतों को खोदा जा रहा है जहां पर ग्रामीणों द्वारा उसका विरोध भी लगातार जारी है ग्रामीणों का कहना है कि खनन अधिकारी को फोन किया जाता है तो वह फोन भी नहीं उठाते अधिकारीयो कि इस लापरवाही के कारण यह अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा है अब देखना होगा की जांच के नाम पर किस क्रेशर के खिलाफ कार्रवाई होती है एक और तो विधानसभा पटल पर अवैध खनन के खिलाफ बड़ी-बड़ी बातें की जाती है दूसरी और अवैध खनन को बढ़ावा दिया जाता है /

