क्वांटम विवि में आईसीआईपीएआई-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन
· एआई और नवाचार का वैश्विक मंच बना क्वांटम यूनिवर्सिटी
· क्वांटम विवि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर मंथन के लिए जुटे देश-विदेश के शोधार्थी

· नवाचार और तकनीक से होगा विकसित भारत का निर्माण : प्रदीप बत्रा
· युवाओं को शोध और तकनीकी नवाचार में आगे आना होगा : प्रदीप बत्रा
· एआई आधारित तकनीकें बदलेंगी भारत का भविष्य : प्रदीप बत्रा
15 मई, रूड़की। रुड़की स्थित क्वांटम विश्वविद्यालय में 15–16 मई को “इनोवेशन एंड प्रैक्टिसेज इन आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (आईसीआईपीएआई -2026)” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग एवं कंप्यूटर एप्लीकेशन्स विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। सम्मेलन में देश-विदेश के 15 प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों व विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों, शोधार्थियों, उद्योग विशेषज्ञों, नवाचारकर्ताओं एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उन्नत तकनीकों से जुड़े नवीन शोध एवं नवाचारों पर विचार-विमर्श किया।

इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों और संस्थानों से 200 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए। सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, ब्लॉकचेन, स्मार्ट हेल्थकेयर, इंटेलिजेंट सिस्टम्स, कंप्यूटर विज़न, सस्टेनेबल आईओटी तथा डेटा एनालिटिक्स जैसे विविध विषयों पर शोध प्रस्तुत किए गए।
क्वांटम विश्वविद्यालय के श्यामजी ऑडिटोरियम में आयोजित उद्घाटन समारोह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा जैब प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में आधुनिक भारत में तकनीकी विकास, नवाचार एवं वैज्ञानिक सोच के महत्व पर बल देते हुए विद्यार्थियों को अनुसंधान, उद्यमिता एवं तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
सम्मेलन के विशिष्ट अतिथि एवं यूकॉस्ट, देहरादून के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने अपने प्रेरणादायी वक्तव्य में विज्ञान, तकनीक एवं अनुसंधान की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों एवं युवा शोधार्थियों को नवीन तकनीकों के क्षेत्र में सक्रिय शोध एवं नवाचार के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शोध एवं नवाचार देश के वैज्ञानिक एवं तकनीकी विकास की आधारशिला हैं तथा युवाओं को समाज एवं राष्ट्रहित में उपयोगी शोध कार्यों की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.(डॉ.) विवेक कुमार ने शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, प्रशासन एवं अनुसंधान क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को एआई के नैतिक एवं नवाचारी पहलुओं को समझाते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।
इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में आईआईआईटी ,सोनीपत, जेएनयू,नई दिल्ली, ईरान विश्वविद्यालय जैसे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों के विशेषज्ञों एवं शिक्षाविदों द्वारा विशेष व्याख्यान भी प्रस्तुत किए गए। इन सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, इंटेलिजेंट सिस्टम्स, सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी एवं हेल्थकेयर इनोवेशन से जुड़े समकालीन विषयों पर चर्चा की गई। वहीँ प्रथम दिवस के तकनीकी सत्रों के दौरान एआई आधारित हेल्थकेयर सिस्टम, डीपफेक डिटेक्शन, सेंटिमेंट एनालिसिस, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, ब्लॉकचेन सुरक्षा, रोग पूर्वानुमान मॉडल तथा सतत विकास हेतु एआई आधारित समाधान जैसे विषयों पर शोध प्रस्तुत किए गए।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट अजय गोयल, वाइस प्रेसिडेंट शोभित गोयल ने सम्मेलन के प्रथम दिवस के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति को बधाई दी। कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. अमित दीक्षित , क्वांटम स्कूल ऑफ़ टेक्नोलॉजी के निदेशक बृजमोहन सिंह , डीन अकादमिक एवं सम्मलेन के आयोजन सचिव डॉ. सत्येंद्र कुमार , डीन रिसर्च डॉ. गौरव अग्रवाल, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. करन बब्बर तथा सम्मेलन की संयोजिका डॉ. मृदुला सिंह सहित विश्वविद्यालय के समस्त अधिकारीगण, शिक्षक संकाय, गणमान्य अतिथि व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।
16 मई को आयोजित होने वाले समापन समारोह में शोधार्थियों, शोध-पत्र प्रस्तुतकर्ताओं, आयोजन समिति, संकाय सदस्यों एवं प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। आईसीआईपीएआई-2026 के माध्यम से क्वांटम विश्वविद्यालय ने एक बार पुनः अकादमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, नवाचार एवं अंतःविषय सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।

