बंगाल चुनाव में मतदान की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, टीएमसी की ओर से निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर हमले बढ़ रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस ने निर्वाचन आयुक्त पर बीजेपी के पक्ष में फैसले का आरोप लगाया है। पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद 90.66 लाख वोटरों के नाम हटाने के विरोध में टीएमसी का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिला। मीटिंग सिर्फ सात मिनट ही चली। टीएमसी का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनकी बातें नहीं सुनी और सात मिनट की बातचीत के बाद उन्हें गेट आउट कहा।
निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन मीटिंग ने चिल्लाते हुए कहा कि हम यहां बात सुनने नहीं आए हैं। इसके बाद मीटिंग में माहौल गरमा गया और टीएमसी का प्रतिनिधिमंडल चला गया। डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि इलेक्शन कमीशन की मीटिंग सात मिनट चली। मुख्य चुनाव आयुक्त ने हमें गेट लॉस्ट कहा। हम संसद में दूसरी बड़ी पार्टी हैं, मगर हमारी बात नहीं सुनी गई। फिर भारतीय निर्वाचन आयोग ने एक ट्वीट किया है, जिसमें लिखा गया है कि बंगाल चुनाव भयमुक्त, हिंसा मुक्त, प्रभोलन मुक्त, छापा मुक्त और बूथ एवं सोर्स जामिंग रहित ही रहेंगे।

