क्वांटम विश्वविद्यालय के वार्षिकोत्सव “धरोहर 2026” का भव्य शुभारंभ, युवाओं को मिला नवाचार और व्यक्तित्व विकास का संदेश
- क्वांटम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों जैसे युवा ही विकसित भारत 2047 का सपना साकार करेंगे – मयूर दीक्षित
- क्वांटम विश्वविद्यालय के विद्यार्थी हर क्षेत्र में कर रहे हैं उत्कृष्ट प्रदर्शन – प्रदीप बत्रा
- धरोहर 2026: प्रतिभा, टेक्नोलॉजी और संस्कृति का महाकुंभ शुरू
क्वांटम विश्वविद्यालय, रुड़की के वार्षिकोत्सव “धरोहर 2026” का भव्य उद्घाटन समारोह उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया गया
इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार में विज्ञान,प्रौद्योगिकी एवं परिवहन तथा अन्य विभागों के मंत्री कार्यक्रम में विशिष्ट मुख्य अतिथि के रूप में प्रदीप बत्रा एवं मुख्य अतिथि हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित तथा विशिष्ट सम्मानित अतिथि माँ शाकुंभरी राज्य विश्वविद्यालय, सहारनपुर की कुलपति प्रो. विमला वाई.ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विवेक कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि धरोहर केवल एक वार्षिकोत्सव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा, संस्कृति और नवाचार का संगम है। यह मंच छात्रों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और उन्हें निखारने का अवसर प्रदान करता है ।

कार्यकम के विशिष्ट मुख्य अतिथि विज्ञान,प्रौद्योगिकी एवं परिवहन तथा अन्य मंत्री प्रदीप बत्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि “धरोहर”जैसे वार्षिकोत्सव विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिभा को मंच देने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने क्वांटम विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यहां के विद्यार्थी न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में बल्कि खेल, तकनीक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, जो क्षेत्र और राज्य के लिए गर्व का विषय है।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मयूर दीक्षित ने अपने संबोधन में कहा कि कॉलेज जीवन व्यक्तित्व विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को कॉलेज जीवन का पूर्ण आनंद लेने के साथ-साथ स्वयं को एक “प्रॉब्लम सॉल्वर”के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की निर्णायक भूमिका होगी और क्वांटम विश्वविद्यालय के छात्र इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
कार्यकम की सम्मानित अतिथि एवं माँ शाकुंभरी राज्य विश्वविद्यालय, सहारनपुर की कुलपति एवं प्रो. विमला वाई ने “धरोहर 2026” की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने क्वांटम विश्वविद्यालय को शिक्षा, नवाचार और समग्र विकास का उत्कृष्ट केंद्र बताते हुए छात्रों को अपने ज्ञान और कौशल का समाज के हित में उपयोग करने का संदेश दिया।
इस वर्ष “धरोहर 2026” में व्यापक और उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। टेक फेस्ट (एज), मैनेजमेंट फेस्ट (ओजस) और कल्चरल (ग्लिट्ज़) सेगमेंट्स में कुल 2,053 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। देशभर के 65 विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से सहभागिता दर्ज की गई, जिनमें आईआईटी दिल्ली, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, केआईआईटी तथा लखनऊ विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल रहे। तकनीकी, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक सभी क्षेत्रों में संतुलित और व्यापक भागीदारी ने इस आयोजन को नवाचार, रचनात्मकता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का सशक्त मंच बना दिया।

इस अवसर पर “धरोहर 2026” के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और क्लबों को भी सम्मानित किया गया। पैशन प्रोग्राम अचीवर 2026 के रूप में बी.टेक (सीएसई) द्वितीय वर्ष की छात्रा अनन्या मिश्रा को सम्मानित किया गया, जबकि इनोवेटर अवॉर्ड 2026 अभिषेक कुमार को उनके नवाचार और उद्यमिता के लिए प्रदान किया गया। थिएटर क्लब को बेस्ट कल्चरल क्लब, “कोडेक्स” को बेस्ट टेक्निकल क्लब तथा “पहल एक नन्हा कदम” को बेस्ट सोशल एक्टिव क्लब के रूप में सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर क्वांटम विश्वविद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष श्यामजी गोयल, कुलाध्यक्ष अजय गोयल, सीनियर बोर्ड ऑफ गवर्नर के सदस्य प्रवीण गर्ग एवं अनिल गोयल, बोर्ड ऑफ़ मैनेजमेंट तथा ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य शोभित गोयल, शैंकी गर्ग, मीता गोयल उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अमित दीक्षित, क्वांटम स्कूल ऑफ बिजनेस के निदेशक डॉ. मनीष श्रीवास्तव, क्वांटम स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ. बृजमोहन सिंह, डीन अकादमिक डॉ. सत्येंद्र कुमार, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल हेड डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. करण बब्बर, एस्टेट ऑफिसर ललित सैनी सहित विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे।

