ज्ञान, एकाग्रता और आनंद का सुंदर संगम — आँखों पर पट्टी बांधकर पढ़ने के प्रशिक्षण के साथ 17 दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ
देहरादून। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा विभाग की पहल पर आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के माध्यम से संस्कृत विद्यार्थियों के लिए 17 दिवसीय इंट्यूशन प्रशिक्षण तथा शिक्षकों के लिए आनंद कार्यक्रम का आयोजन प्रारंभ किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन श्री परशुराम चतुर्वेद विद्यालय, देहरादून में किया जा रहा है।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार गैरोला तथा समापन सत्र में कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न संस्कृत विद्यालयों से आए विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में श्री परशुराम चतुर्वेद विद्यालय, श्रीमद् दयानंद आर्ष ज्योतिर्मठ गुरुकुल, श्री शिवनाथ संस्कृत महाविद्यालय तथा द्रोणस्थली आर्ष कन्या गुरुकुल महाविद्यालय के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आयोजकों के अनुसार, उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा विभाग की पहल पर संस्कृत विद्यालयों में इस प्रकार का कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया जा रहा है।
विद्यार्थियों में एकाग्रता और आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर
कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास ने विभिन्न संस्कृत विद्यालयों से आए विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों के सर्वांगीण विकास में ऐसे कार्यक्रमों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में एकाग्रता, आत्मविश्वास, अंतर्निहित क्षमताओं और मानसिक सजगता के विकास के साथ विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से नई क्षमताओं को विकसित करना है। प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को आँखों पर पट्टी बांधकर पढ़ने जैसी गतिविधियों का भी अभ्यास कराया जा रहा है।
विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रशिक्षण सत्र एवं गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनके माध्यम से उनकी एकाग्रता और आंतरिक क्षमताओं को विकसित करने का प्रयास किया गया।
शिक्षकों के लिए आनंद कार्यक्रम
वहीं शिक्षकों के लिए आयोजित आनंद कार्यक्रम में तनावमुक्त एवं प्रसन्न जीवन, सकारात्मक सोच और मानसिक शांति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गतिविधियों एवं अभ्यासों के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा विभाग के उपनिदेशक डॉ. वाजश्रवा आर्य, श्री परशुराम चतुर्वेद विद्यालय के प्रबंधक आचार्य पवन कुमार शर्मा, प्रधानाचार्य श्री भरतराम तिवारी, डॉ. रामभूषण बिजलवान, श्री गौरव बक्शी, श्री बी.एम. शर्मा, श्री शम्भू थापलियाल, श्री दिनेश कालिया, श्री अभिलाष शर्मा तथा स्थानीय पार्षद महेंद्र कौर कुकरेजा सहित विभिन्न संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक, विद्यार्थी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के समग्र व्यक्तित्व विकास, मानसिक प्रसन्नता एवं सकारात्मक जीवन-दृष्टि के लिए ऐसे कार्यक्रमों को उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया।
विद्यालय प्रबंधन की ओर से आचार्य पवन कुमार शर्मा ने सभी अतिथियों, आयोजकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस का समापन कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास की गरिमामयी उपस्थिति में सकारात्मक ऊर्जा, उत्साह एवं प्रसन्नता के वातावरण में हुआ।

