नोएडा DM मेधा रूपम को SC से राहत, हाईकोर्ट के 5 लाख मुआवजा आदेश पर रोक, रोस्टर पर उठे सवाल
नई दिल्ली। नोएडा की DM मेधा रूपम और UP सरकार की SLP पर 23 सितंबर को SC में सुनवाई हुई। जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस एनके सिंह की पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें NSA के तहत एक छात्र की हिरासत को अवैध बताते हुए 5 लाख रुपये का मुआवजा DM के निजी वेतन से काटने का निर्देश दिया गया था।
नया विवाद – रोस्टर और लिस्टिंग पर:
लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार 13 जुलाई 2026 से लागू नई रोस्टर व्यवस्था के तहत Habeas Corpus और निवारक हिरासत मामलों की सुनवाई केवल CJI सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस एमएम सुंदरेश की बेंच को ही है, फिर यह मामला जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच में कैसे लिस्ट हुआ?
दूसरा, नोएडा श्रमिक आंदोलन का मुख्य मामला पहले से जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच में लंबित है, जहाँ केशव आनंद की याचिका पर सुनवाई हो चुकी है। ऐसे में जुड़ा मामला दूसरी बेंच में कैसे पहुंचा, इस पर प्रक्रियात्मक सवाल उठ रहे हैं। सुनवाई के दौरान माइक बंद किए जाने पर भी सवाल उठे हैं।
मेधा रूपम सीनियर IAS हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं।

