उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में फास्ट ट्रैक कोर्ट के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज (ADJ) रवि कुमार दिवाकर ने एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है।
उन्होंने बीते कुछ ही महीनों में हत्या और अपहरण जैसे संगीन मामलों की सुनवाई करते हुए कुल 22 दोषियों को मौत की सजा (फांसी) सुनाई है।
जज दिवाकर द्वारा सजा पाए गए दोषियों में हत्या, फिरौती और लूटपाट जैसे गंभीर अपराधों के आरोपी शामिल हैं। इन मामलों में 1999 में एक लकड़ी व्यापारी की फिरौती के लिए हत्या, 2011 में डकैती के दौरान एक किसान की हत्या, 2019 का वकील हत्याकांड और 2020 में एक होमगार्ड की हत्या जैसे कई पुराने मामले शामिल हैं।
अदालत ने इन सभी घटनाओं को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ (दुर्लभ से दुर्लभ) अपराध की श्रेणी में माना है। ये कड़े फैसले सुनाते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण पैदा करने वाले अपराधों पर नरम रुख नहीं अपनाया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि न्याय होता हुआ दिखना भी चाहिए, ताकि समाज में यह संदेश जाए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।

