मनोज ठाकुर
मातृ सदन आश्रम की 2004 से अब तक की गतिविधियों और आय-व्यय की उच्च स्तरीय जांच हो: मांग
हरिद्वार। समाजसेवी एवं महामंडलेश्वर पद से सम्मानित जगद्गुरु शंकराचार्य अनन्तानंद सरस्वती जी महाराज, राजगुरु मठ काशी के आशीर्वाद प्राप्त संत स्वामी राजेंद्र आनंद सरस्वती ने आज मीडिया के माध्यम से मातृ सदन आश्रम की कार्यप्रणाली और आय के स्रोतों की गहन जांच की मांग की है।
उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर 8 प्रमुख बिंदुओं पर सरकार और प्रशासन से जांच कराने की मांग की:
- अवैध उगाही का आरोप: 2014 तक की केंद्र सरकार के समय नदियों और खनन से जुड़ी परियोजनाओं में “अवैध उगाही” का आरोप लगाया। कहा कि आंदोलन की आड़ में देशभर में अर्बन नक्सलवाद फैलाने का प्रयास किया गया। सरकार इसकी जांच करे।
- हत्या का आरोप: आंदोलन की आड़ में एक युवा संत और एक युवा साध्वी की हत्या करवाने का आरोप लगाया।
- विवाद और आर्थिक लेन-देन: 2019-2020 में साध्वी के अस्पताल में भर्ती होने और गर्भवती होने की अखबारों में छपी खबरों का हवाला देते हुए कहा कि बाद में आश्रम से 100 करोड़ की नोटिस भेजने की खबर भी आई। यह “बाबा के तिलस्मी कारनामे” हैं। साथ ही सवाल उठाया कि जब आश्रम घास-फूस या टीन का भी बन सकता है तो मातृ सदन में सीमेंट-बालू से पक्के मकान क्यों बने?
- कार्यक्षेत्र पर सवाल: यदि ये वास्तव में गंगा मैया के हितैषी हैं तो बिहार जैसे स्थानों पर जहां गंगा की स्थिति अधिक दयनीय है, वहां कार्य क्यों नहीं करते?
- संसाधनों की जांच: इनके पास सेशन कोर्ट, हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और प्रशासन में तुरंत पहुंच के लिए इतने संसाधन और कानूनी बैकअप कहां से आते हैं? इसकी जांच होनी चाहिए। कहीं इनका मंसूबा राज्य को अस्थिर करना तो नहीं है।
- आंदोलन का स्थान: हरिद्वार जैसे अंतरराष्ट्रीय स्थल पर ही आंदोलन करने का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय पहचान और चंदा एकत्र करना तो नहीं है?
- दो चरणों में जांच की मांग: 2004 से 2014 तक और 2014 से अब तक दो चरणों में जांच हो। यह देखा जाए कि कौन-कौन इनके संपर्क में था, कहां-कहां से चंदे के रूप में पैसा आया। इनकी आय और खर्च का मिलान हो। कहीं ये अंतरराष्ट्रीय सरगनाओं से मिलकर समाज और राष्ट्र को अस्थिर तो नहीं करना चाहते।
- स्वयं की स्थिति स्पष्ट: मैंने स्वयं घोषणा की है कि मैं गृहस्थ सन्यासी हूं और मुझे जगद्गुरु शंकराचार्य अनन्तानंद सरस्वती जी महाराज से महामंडलेश्वर स्वामी राजेंद्र आनंद सरस्वती पद का आशीर्वाद प्राप्त है।
महामंडलेश्वर राजेंद्र आनंद सरस्वती भीकमपुर जीतपुर लक्सर हरिद्वार प्रशासन से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

