आयुष विभाग के उपाध्यक्ष द्वारा योगी जी को लिखी चिट्ठी
न तो नीट पास किया, न मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई की। घर बैठे 10 से 15 लाख रुपये खर्च कर आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड में रजिस्ट्रेशन करवाया और बन गए रजिस्टर्ड डॉक्टर।
आयुष विभाग में चल रहे इस फर्जीवाड़े का खुलासा खुद आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड के उपाध्यक्ष ने किया है।
बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. शैलेश कुमार राय ने सीएम योगी को चार पन्नों का पत्र भेजकर मामले की सीबीआई जांच करवाने के साथ ही फर्जीवाड़े में शामिल बोर्ड के अफसरों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
उपाध्यक्ष की तरफ से कई जिलों के पते पर हुए फर्जी रजिस्ट्रेशन के नंबर और आवेदकों के नाम भी सीएम को भेजे गए हैं।
डॉ. शैलेश के मुताबिक, पिछले साल अप्रैल में पांच फर्जी रजिस्ट्रेशन की शिकायत पर दिल्ली से नेशनल कमिशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिल की टीम यूपी आई थी। दस्तावेन की जांच में 41 फर्जी रजिस्ट्रेशन मिले थे।
आरोप है कि इन सभी फर्जी रजिस्ट्रेशनों का ब्योरा बोर्ड में नहीं रखा गया। इसके उलट गुपचुप तरीके से सभी का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर मामले को दबा दिया गया।

