श्री पंचदशनाम जुना अखाड़ा महामंडलेश्वर यति नरसिंहानन्द गिरी महाराज जी अपने यति शिष्यों के साथ आज पुरे दिन अपने शिष्य महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी को ढुढते रहे

मनोज ठाकुर

महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी ने आज स्वामी सर्वानंद घाट हरिद्वार से देहरादून मुख्यमंत्री आवास तक पदयात्रा की घोषणा की थी

श्री पंचदशनाम जुना अखाड़ा महामंडलेश्वर यति नरसिंहानन्द गिरी महाराज जी ने आज विडियो जारी कर महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी के बारे में जानकारी दी

महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी के सर्वानंद घाट हरिद्वार से मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी के आवास पर पदयात्रा करने का आवाहन पर श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर यति नरसिंहगनंद गिरी महाराज अपने सभी शिष्यों के साथ आज दिनांक 4 अगस्त 2026 को दोपहर बाद दो बजे हरिद्वार सर्वानंद घाट पहुंचे परंतु महंत रामस्वरूपानंद गिरी का कुछ भी पता नहीं चला और मोबाइल भी स्वीच ऑफ था फिर महामंडलेश्वर यति नरसिंहांनंद गिरी जी,महामंडलेश्वर यति प्रत्यंग्या गिरी अपने सभी यति शिष्य परमात्मानंद गिरी, यति धर्मदेवनंदगिरी , यति सत्यमित्रानंद गिरी,धरमवीर सिंह,अंकुर जावला, अनमोल शिंदे,सोनू यादव, देवेंद्र चौधरी, मोहन,अनुज चौधरी, प्रदीप धीमान, बिल्लू शर्मा,सतपाल महाराज जी सैकड़ों यति शिष्यों के साथ महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी को पूरे दिन ढूँढते रहे लगभग शाम पांच बजे लखनोटा चौकी थाना मंगलौर में महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी मिले जिनको छुड़ा कर महामंडलेश्वर यति नरसिंहगनंद गिरी महाराज जी अपने साथ लेकर गए।

घटना का विवरण:
महंत यति रामस्वरूपानन्द गिरी जी ने बताया कि वे पिछले लगभग 2 वर्षों से दहियाकी शिव मंदिर, मन्नाखेड़ी रोड, ग्राम दहियाकी, मंडावली, जनपद हरिद्वार में रहकर भगवान महादेव की सेवा कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मंदिर में नित्य आरती, महायज्ञ, भंडारे, धार्मिक अनुष्ठान एवं सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का कार्य किया। उन्होंने खंडित शिवलिंग के स्थान पर नर्मदा से लाए गए स्वयंभू श्री नर्मदेश्वर महादेव की स्थापना की, दक्षिणमुखी हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा करवाई और मंदिर परिसर में शौचालय का निर्माण करवाया। प्रत्येक एकादशी को स्थानीय माताएं-बहनें मंदिर में भजन-कीर्तन करती हैं।
27 जुलाई 2026 की रात्रि की घटना:
महंत जी ने आरोप लगाया कि सोमवार, 27 जुलाई 2026 की रात्रि लगभग 9 बजे ग्राम दहियाकी के लगभग 40 लोग, जिनमें विक्रांत प्रधान दहियाकी, राजकुमार पुत्र लाल सिंह निवासी दहियाकी (मंदिर के सामने मंडावली), पवन पुत्र राजकुमार, अनुराग पुत्र पवन, लोकेंद्र पुत्र कलीराम, सुमीत पुत्र उधा, भूपेंद्र पुत्र राजसिंह आदि शामिल थे, शराब के नशे में मंदिर में घुस आए।
आरोप है कि उक्त लोगों ने महंत जी के साथ गाली-गलौज की और मंदिर से बाहर निकल जाने की धमकी दी। लोकेंद्र ने कहा कि “हम जान दे भी सकते हैं और ले भी सकते हैं।” उन्होंने महंत जी के कक्ष में घुसकर गुरुमूर्तियों के चित्र और उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के चित्र को निकालकर फेंक दिया और कहा – “अब तेरा धामी भी तुझे नहीं बचा सकता। तू भाजपा का एजेंट है, मंदिर में रहकर भाजपा के लिए काम करता है, आरएसएस वालों को बुलाता है। यह कांग्रेसियों का गढ़ है, यहां तेरी जरूरत नहीं है।”
आरोप है कि महंत जी से जबरन कागज पर हस्ताक्षर करा लिए गए और 1 लाख रुपये देकर कहा गया कि सुबह तक सामान लेकर मंदिर खाली कर दो, वरना घसीट कर बाहर फेंक देंगे। अगली सुबह वह 1 लाख रुपया भी छीन लिया गया। भयभीत होकर महंत जी को मंदिर छोड़ना पड़ा।

इसी रात्रि में प्रदीप धीमान सहित कई ग्रामीणों को घर से खींचकर मंदिर परिसर में लाकर मारपीट की गई और धमकाया गया कि यदि उन्होंने महंत यति रामस्वरूपानन्द गिरी जी का समर्थन किया तो उन्हें गांव से बाहर निकाल दिया जाएगा।

महंत जी ने आरोप लगाया है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे मंगलौर विधानसभा के विधायक काजी निजामुद्दीन हैं, जिनके इशारे पर उनके समर्थकों ने यह कृत्य किया और मंदिर के धूने को खंडित कर दिया।
पुलिस प्रशासन से शिकायत:
महंत यति रामस्वरूपानन्द गिरी जी ने बताया कि उन्होंने 29 जुलाई 2026 को थाना मंगलौर में लिखित शिकायत दी है। इससे पूर्व भी कई बार थाना मंगलौर और एसएसपी हरिद्वार को लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं। कुछ माह पूर्व उनके साथ मॉब लिंचिंग का प्रयास भी किया गया था, जिसकी सूचना डायल 112 पर दी गई थी।
पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई न होने पर महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी नें आज 4 अगस्त 2026 दोपहर 2 बजे यति शिष्यों ने स्वामी सर्वानंद घाट, हरिद्वार से मुख्यमंत्री आवास, देहरादून तक पदयात्रा की घोषणा की थी यति शिष्य मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी से मिलकर न्याय की मांग करते।
महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी ने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें उचित सुरक्षा प्रदान कर मंदिर में पुनः स्थापित नहीं किया तो फिर सम्पूर्ण देश में उग्र आंदोलन होगा।


श्री पंचदशनाम जुना अखाड़ा महामंडलेश्वर यति नरसिंहानन्द गिरी महाराज जी अपने यति शिष्यों के साथ आज पुरे दिन अपने शिष्य महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी को ढुढते रहे

महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी ने आज स्वामी सर्वानंद घाट हरिद्वार से देहरादून मुख्यमंत्री आवास तक पदयात्रा की घोषणा की थी

श्री पंचदशनाम जुना अखाड़ा महामंडलेश्वर यति नरसिंहानन्द गिरी महाराज जी ने आज विडियो जारी कर महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी के बारे में जानकारी दी

महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी के सर्वानंद घाट हरिद्वार से मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी के आवास पर पदयात्रा करने का आवाहन पर श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर यति नरसिंहगनंद गिरी महाराज अपने सभी शिष्यों के साथ आज दिनांक 4 अगस्त 2026 को दोपहर बाद दो बजे हरिद्वार सर्वानंद घाट पहुंचे परंतु महंत रामस्वरूपानंद गिरी का कुछ भी पता नहीं चला और मोबाइल भी स्वीच ऑफ था फिर महामंडलेश्वर यति नरसिंहांनंद गिरी जी,महामंडलेश्वर यति प्रत्यंग्या गिरी अपने सभी यति शिष्य परमात्मानंद गिरी, यति धर्मदेवनंदगिरी , यति सत्यमित्रानंद गिरी,धरमवीर सिंह,अंकुर जावला, अनमोल शिंदे,सोनू यादव, देवेंद्र चौधरी, मोहन,अनुज चौधरी, प्रदीप धीमान, बिल्लू शर्मा,सतपाल महाराज जी सैकड़ों यति शिष्यों के साथ महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी को पूरे दिन ढूँढते रहे लगभग शाम पांच बजे लखनोटा चौकी थाना मंगलौर में महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी मिले जिनको छुड़ा कर महामंडलेश्वर यति नरसिंहगनंद गिरी महाराज जी अपने साथ लेकर गए।

घटना का विवरण:
महंत यति रामस्वरूपानन्द गिरी जी ने बताया कि वे पिछले लगभग 2 वर्षों से दहियाकी शिव मंदिर, मन्नाखेड़ी रोड, ग्राम दहियाकी, मंडावली, जनपद हरिद्वार में रहकर भगवान महादेव की सेवा कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मंदिर में नित्य आरती, महायज्ञ, भंडारे, धार्मिक अनुष्ठान एवं सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का कार्य किया। उन्होंने खंडित शिवलिंग के स्थान पर नर्मदा से लाए गए स्वयंभू श्री नर्मदेश्वर महादेव की स्थापना की, दक्षिणमुखी हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा करवाई और मंदिर परिसर में शौचालय का निर्माण करवाया। प्रत्येक एकादशी को स्थानीय माताएं-बहनें मंदिर में भजन-कीर्तन करती हैं।
27 जुलाई 2026 की रात्रि की घटना:
महंत जी ने आरोप लगाया कि सोमवार, 27 जुलाई 2026 की रात्रि लगभग 9 बजे ग्राम दहियाकी के लगभग 40 लोग, जिनमें विक्रांत प्रधान दहियाकी, राजकुमार पुत्र लाल सिंह निवासी दहियाकी (मंदिर के सामने मंडावली), पवन पुत्र राजकुमार, अनुराग पुत्र पवन, लोकेंद्र पुत्र कलीराम, सुमीत पुत्र उधा, भूपेंद्र पुत्र राजसिंह आदि शामिल थे, शराब के नशे में मंदिर में घुस आए।
आरोप है कि उक्त लोगों ने महंत जी के साथ गाली-गलौज की और मंदिर से बाहर निकल जाने की धमकी दी। लोकेंद्र ने कहा कि “हम जान दे भी सकते हैं और ले भी सकते हैं।” उन्होंने महंत जी के कक्ष में घुसकर गुरुमूर्तियों के चित्र और उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के चित्र को निकालकर फेंक दिया और कहा – “अब तेरा धामी भी तुझे नहीं बचा सकता। तू भाजपा का एजेंट है, मंदिर में रहकर भाजपा के लिए काम करता है, आरएसएस वालों को बुलाता है। यह कांग्रेसियों का गढ़ है, यहां तेरी जरूरत नहीं है।”
आरोप है कि महंत जी से जबरन कागज पर हस्ताक्षर करा लिए गए और 1 लाख रुपये देकर कहा गया कि सुबह तक सामान लेकर मंदिर खाली कर दो, वरना घसीट कर बाहर फेंक देंगे। अगली सुबह वह 1 लाख रुपया भी छीन लिया गया। भयभीत होकर महंत जी को मंदिर छोड़ना पड़ा।

इसी रात्रि में प्रदीप धीमान सहित कई ग्रामीणों को घर से खींचकर मंदिर परिसर में लाकर मारपीट की गई और धमकाया गया कि यदि उन्होंने महंत यति रामस्वरूपानन्द गिरी जी का समर्थन किया तो उन्हें गांव से बाहर निकाल दिया जाएगा।

महंत जी ने आरोप लगाया है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे मंगलौर विधानसभा के विधायक काजी निजामुद्दीन हैं, जिनके इशारे पर उनके समर्थकों ने यह कृत्य किया और मंदिर के धूने को खंडित कर दिया।
पुलिस प्रशासन से शिकायत:
महंत यति रामस्वरूपानन्द गिरी जी ने बताया कि उन्होंने 29 जुलाई 2026 को थाना मंगलौर में लिखित शिकायत दी है। इससे पूर्व भी कई बार थाना मंगलौर और एसएसपी हरिद्वार को लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं। कुछ माह पूर्व उनके साथ मॉब लिंचिंग का प्रयास भी किया गया था, जिसकी सूचना डायल 112 पर दी गई थी।
पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई न होने पर महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी नें आज 4 अगस्त 2026 दोपहर 2 बजे यति शिष्यों ने स्वामी सर्वानंद घाट, हरिद्वार से मुख्यमंत्री आवास, देहरादून तक पदयात्रा की घोषणा की थी यति शिष्य मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी से मिलकर न्याय की मांग करते।
महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी ने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें उचित सुरक्षा प्रदान कर मंदिर में पुनः स्थापित नहीं किया तो फिर सम्पूर्ण देश में उग्र आंदोलन होगा।

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