अयोध्या राम मंदिर में चंदे के कथित गबन विवाद के बीच, गोरखपुर का गोरखनाथ मंदिर सांप्रदायिक सौहार्द की एक बड़ी मिसाल पेश कर रहा है।

अयोध्या राम मंदिर में चंदे के कथित गबन विवाद के बीच, गोरखपुर का गोरखनाथ मंदिर सांप्रदायिक सौहार्द की एक बड़ी मिसाल पेश कर रहा है।

यहां एक मुस्लिम व्यक्ति, यासीन अंसारी, दशकों से मंदिर के वित्तीय और निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

यासीन अंसारी ने 1977 से 1983 तक मंदिर के आधिकारिक कैशियर के रूप में काम किया था। वर्तमान में वे मंदिर परिसर के निर्माण पर्यवेक्षक हैं। इस भूमिका में वे निर्माण से जुड़े खातों, खर्चों और प्रोजेक्ट के बजट का प्रबंधन करते हैं। उनकी लगभग 5 दशकों की लंबी सेवा के दौरान आज तक वित्तीय हेराफेरी का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंदिर के मुख्य पुजारी योगी आदित्यनाथ भी विकास कार्यों की समीक्षा उन्हीं के साथ करते हैं।

यासीन अंसारी के अलावा कई अन्य मुस्लिम परिवार भी पीढ़ियों से गोरखनाथ मठ की सेवा कर रहे हैं। मान मोहम्मद मंदिर की गौशाला की जिम्मेदारी संभालते हैं, जबकि निसार अहमद ने मंदिर और उससे जुड़े अस्पताल के निर्माण में एक इंजीनियर के रूप में अपना अहम योगदान दिया है।

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