सिंहस्थ कुंभ–2027 की तैयारियाँ तेज: नीलगिरी पर्वत स्थित श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा मुख्यालय में निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्य युद्धस्तर पर

मनोज ठाकुर

सिंहस्थ कुंभ–2027 की तैयारियाँ तेज: नीलगिरी पर्वत स्थित श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा मुख्यालय में निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्य युद्धस्तर पर

त्र्यंबकेश्वर (नासिक, महाराष्ट्र) | 3 जुलाई 2026

आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला–2027 की व्यापक तैयारियों के अंतर्गत त्र्यंबकेश्वर स्थित नीलगिरी पर्वत पर श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के मुख्यालय में निर्माण, जीर्णोद्धार एवं मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर जारी है। कुंभ मेले से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को पूर्ण करने के उद्देश्य से अखाड़े के विभिन्न भवनों, संत निवासों एवं धार्मिक स्थलों का विकास कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है।

नीलगिरी पर्वत भगवान दत्तात्रेय की पावन तपोस्थली, भगवान परशुराम की तपोभूमि तथा प्राचीन नील अंबिका देवी, मातुंगा देवी एवं नीलकंठ महादेव मंदिरों के कारण सनातन परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है। यही स्थान श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा का प्रमुख मुख्यालय भी है।

अखाड़े की चारों मढ़ियों (चौदह मढ़ी, चार मढ़ी, सोलह मढ़ी एवं तेरह मढ़ी) से संबंधित भवनों, संत निवासों, मंदिर परिसरों तथा अन्य आवश्यक संरचनाओं का निर्माण, मरम्मत एवं आधुनिकीकरण कार्य निरंतर प्रगति पर है। श्रद्धालुओं एवं संत समाज को बेहतर आवासीय, धार्मिक एवं मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जा रहे हैं।

यह समस्त कार्य अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री एवं श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक पूज्य श्रीमहंत हरि गिरि जी महाराज के मार्गदर्शन एवं प्रत्यक्ष देखरेख में संपन्न हो रहा है। उनके नेतृत्व में निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है तथा सभी परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज ने कहा कि सिंहस्थ कुंभ–2027 को भव्य, दिव्य एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए जूना अखाड़ा पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। अखाड़े की चारों मढ़ियों, 52 सदस्यीय महासभा तथा संत-महात्माओं के सहयोग से सभी निर्माण एवं मरम्मत कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जा रहे हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सिंहस्थ कुंभ–2027 से पूर्व नीलगिरी पर्वत स्थित श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा का संपूर्ण परिसर श्रद्धालुओं एवं संत समाज के स्वागत के लिए पूर्णतः तैयार होगा तथा उन्हें उत्कृष्ट धार्मिक, आध्यात्मिक एवं आवासीय सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

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