एक बार फिर नीट परीक्षा का पेपर लिक छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ ऐसी भारत की शिक्षा नीति

भारत सरकार के शिक्षा मंत्री मान्य धर्मेंद्र प्रधान जी के कार्यकाल में दूसरी बार नीट परीक्षा का पेपर लीक हो गया है जो एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना

विश्वविद्यालय में कभी यूजीसी लेकर आते हैं कभी पेपर लीक हो जाते हैं हमारे देश के छात्रों का भविष्य अंधकार में होता जा रहा है /

धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में दूसरी बार नीट परीक्षा के पेपर लीक हो गए हैं।

इसबार 22 लाख छात्रों ने एग्जाम दिया था , कंजर्वेटिव आंकड़ा भी लेते हैं तो लगभग 11 लाख छात्र गंभीर रूप से तैयारी करते होंगे। दिन के न्यूनतम दस घंटे पढ़ते होंगे।

नीट पेपर लीक का विषय इतना बड़ा है कि देश के लगभग 15-20 लाख परिवार प्रत्यक्ष रूप से इमोशनली जुड़े हुए हैं। इतने ही लोग आने वाले वर्ष में एग्जाम देने वाले हैं , उनकी भी आशा एग्जाम के प्रक्रिया में #पारदर्शिता से जुड़ी हुई है।

विपक्ष अगर ऐसे मुद्दों के लिए सड़क पर नहीं उतरता है , लाठी नहीं खाता है , संघर्ष नहीं करता है तो लोकतंत्र एक-पक्षीय और एक दलीय हो जाने से कोई रोक नहीं पाएगा। जब जनता के मुद्दे पर आप जनता के साथ नहीं आयेंगे तो जनता भी आपके जरूरत पर नहीं आएगी।

लोकतंत्र का सबसे प्रमुख हथियार है

अगर लीक हुआ पेपर 50 हज़ार छात्रों तक भी पहुँचा होगा तो इन छात्रों के दो-तीन साल के मेहनत का अब कोई फ़ायदा नहीं है।

शिक्षा के क्षेत्र में मोदी सरकार की रेपुटेशन वैसे धर्मेंद्र प्रधान ने इसे घोटाला कार्यकाल जैसा बना लेने का ठान लिया है।

विपक्ष में अगर कोई भी दिमाग वाला बचा हो तो दिल्ली में बड़े आंदोलन की तैयारी करनी चाहिए।

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