शांतर शाह, हरिद्वार जमीन विवाद – ग्राउंड जीरो पर सच्चाई आई सामने | सोशल मीडिया की खबरें भ्रामक, सिंचाई विभाग UP की भूमि पर वृक्षारोपण को प्रधान और किसानों का समर्थन*
शांतर शाह, हरिद्वार (UP-उत्तराखंड सीमा) में सिंचाई विभाग UP का वृक्षारोपण अभियान – सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने ग्राउंड जीरो पर बताई सच्चाई
शांतर शाह, हरिद्वार जिला। पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही “किसानों की फसल बर्बाद करने” की खबरों की सच्चाई जानने के लिए GANGA NEWS 24 की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची। मौके पर सहायक अभियंता, अधिशासी अभियंता विकास त्यागी, ग्राम प्रधान आदित्य राज सैनी और पट्टाधारक किसानों ने एक साथ बयान देकर सोशल मीडिया की खबरों को पूरी तरह भ्रामक बताया।
सहायक अभियंता / अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग UP – विकास त्यागी का संयुक्त बयान:
“यहाँ शांतर शाह, हरिद्वार में सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाया गया कि किसानों की फसल नष्ट की गई। वास्तविकता बिल्कुल अलग है। ये सरकारी जगह है, सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश की भूमि है, जो राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है।”
भारत भूषण सहायक अभियंता
“ये बरसाती नदी का किनारा है, यहाँ लगातार अवैध खनन की सूचना मिल रही थी। कुछ अराजक तत्व रात में मिट्टी-बालू का अवैध खनन कर रहे थे। पिछले साल हमने टास्क फोर्स बनाकर रात में पेट्रोलिंग कर खनन रोका था। अब सरकारी भूमि के संरक्षण और पर्यावरण बचाने के लिए वन विभाग उत्तराखंड के साथ मिलकर वृक्षारोपण, बाउंड्री वॉल और वाटिका बनाने का अभियान चलाया जा रहा है।”
“बरसाती नदी में बाढ़ आती है तो फसल बह जाती है। जहाँ वृक्षारोपण किया गया है वहाँ कोई खड़ी फसल थी ही नहीं, सब फालतू / नदी किनारे की जमीन है। पट्टाधारकों को कोई नुकसान नहीं हुआ। ग्राउंड जीरो पर हमने खुद देखा, सब बेबुनियाद आरोप हैं। जब हमारी टीम काम कर रही थी तो कुछ अराजक तत्वों ने हमारे स्टाफ को डराया-धमकाया और ऑफिस में आकर भी अभद्रता की, ताकि अवैध खनन चलता रहे। लेकिन हम जनहित में काम कर रहे हैं, यह अभियान जारी रहेगा।”
ग्राम प्रधान शांतर शाह – आदित्य राज सैनी का बयान:
“ये जमीन सिंचाई विभाग UP के अधीन है, कुछ पट्टे किसानों को दिए गए हैं। वन विभाग उत्तराखंड के साथ मिलकर वृक्षारोपण किया जा रहा है जो बहुत अच्छा कार्य है। नदी किनारे अवैध खनन से फसल बर्बाद होती है, इसलिए विभाग का ये बड़ा अभियान है, ग्राम पंचायत की तरफ से हम इसका पूरा समर्थन करते हैं।”
पट्टाधारक किसानों ने कैमरे पर कहा – विजेंद्र (पट्टाधारक) – “मेरा यहाँ खेत है, पट्टे की जमीन है, कोई नुकसान नहीं हुआ। यहाँ कोई फसल थी ही नहीं, बरसात में नदी सब ले जाती है।” कुंडी (पट्टाधारक) – “हमें कोई परेशानी नहीं है, कोई नुकसान नहीं।” शमशाद (पट्टाधारक) – “किसी का कोई नुकसान नहीं हुआ।”
निष्कर्ष: सहायक अभियंता से लेकर अधिशासी अभियंता विकास त्यागी तक, ग्राम प्रधान से लेकर पट्टाधारक किसान तक – सभी एक सुर में कह रहे हैं कि शांतर शाह, हरिद्वार में कोई फसल नष्ट नहीं हुई, वृक्षारोपण से कोई आपत्ति नहीं है, और अवैध खनन रोकना जरूरी है। सिंचाई विभाग UP का यह अभियान सरकारी भूमि की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए सराहनीय कदम है।
सहायक अभियंता + अधिशासी अभियंता विकास त्यागी, सिंचाई विभाग UP का बड़ा बयान – “ये सरकारी भूमि है, अवैध खनन रोकने को वृक्षारोपण अभियान चल रहा है, सोशल मीडिया की खबरें भ्रामक”
✅ ग्राम प्रधान आदित्य राज सैनी ने किया समर्थन – “अच्छा कार्य है, हम साथ हैं” ✅ पट्टाधारक विजेंद्र, कुंडी, शमशाद बोले – “कोई नुकसान नहीं हुआ, कोई फसल नष्ट नहीं हुई”
सिंचाई विभाग UP का पर्यावरण संरक्षण और अवैध खनन पर प्रहार – सराहनीय कार्य!