यूपी में पुराने बकायेदारों को बड़ी राहत, ब्याज और जुर्माना माफी का रास्ता साफ
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पुराने कर बकायेदारों को राहत देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई. इस योजना के तहत 31 दिसंबर 2025 तक के निर्धारित पुराने बकायों पर लगने वाले ब्याज और अर्थदंड में छूट दी जाएगी.

सरकार के इस फैसले से उन व्यापारियों और करदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन पर पुराने करों का बकाया है. योजना तीन महीने तक लागू रहेगी. हालांकि, इसका लाभ लेने के लिए संबंधित नियमों और शर्तों का पालन करना होगा.
किन बकायेदारों को मिलेगा फायदा?
इस योजना में उत्तर प्रदेश के कई पुराने कर कानूनों के तहत दर्ज बकाये शामिल किए गए हैं. इनमें बिक्री कर, केंद्रीय बिक्री कर, व्यापार कर और वैट जैसे कर शामिल हैं. इसके अलावा मनोरंजन कर और केबल टेलीविजन नेटवर्क से जुड़े कुछ पुराने बकायों को भी योजना के दायरे में रखा गया है.
इसका उद्देश्य पुराने कर मामलों के निपटारे को आसान बनाना और लंबे समय से लंबित बकाया राशि की वसूली का रास्ता साफ करना है.
ब्याज और अर्थदंड में मिलेगी छूट
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने योजना के संबंध में जानकारी दी. इसके तहत तय तारीख तक के पात्र बकायों पर लगने वाले ब्याज और अर्थदंड को माफ करने की व्यवस्था की जाएगी.
इससे ऐसे करदाताओं को राहत मिल सकती है, जिनकी मूल बकाया राशि के साथ ब्याज और जुर्माना भी बढ़ गया है. हालांकि, कितनी छूट मिलेगी और इसका लाभ लेने की प्रक्रिया क्या होगी, यह योजना की विस्तृत शर्तों पर निर्भर करेगा.
तीन महीने तक लागू रहेगी योजना
योगी सरकार की इस योजना की अवधि तीन महीने निर्धारित की गई है. ऐसे में पुराने कर बकायेदारों के लिए अपने बकाये का निस्तारण कराने का अवसर मिलेगा. पात्रता, आवेदन की प्रक्रिया और भुगतान से जुड़ी शर्तों की जानकारी संबंधित विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार देखनी होगी.
सरकार के इस फैसले से पुराने कर विवादों को कम करने और लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

