नेपाल-तिब्बत सीमा पर भीषण बाढ़, कैलाश यात्रा पर गया ईशा फाउंडेशन का ग्रुप लापता
काठमांडू/नई दिल्ली। नेपाल और चीन (तिब्बत) के सीमावर्ती इलाके में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस बाढ़ की चपेट में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया ईशा फाउंडेशन का एक ग्रुप आ गया है।
जानकारी के अनुसार तिब्बत के गिरोंग / ग्यिरोंग में स्थित इमिग्रेशन सेंटर पर वापसी के दौरान यह ग्रुप मौजूद था, तभी अचानक आई बाढ़ ने पूरी इमारत और कस्बे के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। cbea
80 लोग बताए जा रहे लापता
ईशा फाउंडेशन ने दावा किया है कि उसके 77 सदस्य और 3 स्वयंसेवक समेत कुल 80 लोग इमिग्रेशन सेंटर पर थे, जिनसे संपर्क टूट गया है। कुछ रिपोर्ट्स में संख्या 77 बताई जा रही है, जबकि फाउंडेशन ने ग्रुप में 80 लोगों (34 पुरुष, 46 महिलाएं) की पुष्टि की है। 4a662244
ये श्रद्धालु अलग-अलग देशों से हैं – 22 अमेरिका, 12 कनाडा, 11 ऑस्ट्रेलिया, 9 ब्रिटेन सहित जर्मनी, फ्रांस, नेपाल समेत कई देशों के नागरिक शामिल हैं।
सद्गुरु ने क्या कहा?
ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर दुख जताया। उन्होंने कहा – ‘इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद किसी भी व्यक्ति के बारे में अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है’। 4a66
उन्होंने बताया कि सभी फोन और टेलीकम्युनिकेशन सेवाएं बंद हैं, रास्ते बाधित हैं, और वे भारतीय, चीनी और अमेरिकी दूतावासों के जरिए घटनास्थल पर पहुंचने की अनुमति लेने की कोशिश कर रहे हैं ताकि राहत और बचाव में मदद कर सकें। सद्गुरु ने कहा कि उनकी 21 ग्रुपों में से 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं, जबकि 743 लोग अभी तिब्बत में और 148 लोग नेपाल में हैं। 2244cbea
नेपाल में भारतीय दूतावास और कई राज्य सरकारों ने हेल्पलाइन जारी की है। रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद 130 से अधिक भारतीयों के लापता होने की खबर है।

