ज्योतिर्मठ के तत्वावधान में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान परमपूज्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज द्वारा ‘अष्ट भैरव’ नामक पवित्र ग्रंथ का गरिमामय विमोचन किया गया।

शंकराचार्य जी ने किया अष्टभैरव अवतार कथा ग्रंथ का विमोचन

वाराणसी,30.10.26

ज्योतिर्मठ के तत्वावधान में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान परमपूज्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज द्वारा ‘अष्ट भैरव’ नामक पवित्र ग्रंथ का गरिमामय विमोचन किया गया।

यह ग्रंथ सलधा (छत्तीसगढ़) की पावन धरा पर पूज्य परमधर्माधिश शंकराचार्य जी महाराज द्वारा भगवान शिव के विभिन्न अवतारों पर दिए गए ओजस्वी एवं ज्ञानवर्धक प्रवचनों पर आधारित है।
ग्रंथ संपादन एवं प्रकाशन
पूज्य शंकराचार्य जी की पूर्णाभिषिक्त शिष्या साध्वी पूर्णांबा जी ने महाराज श्री के प्रवचनों के मुख्य अंशों को अत्यंत श्रद्धा एवं कुशलता के साथ संकलित व संपादित किया है।इस ग्रंथ के उप-संपादक डॉ. रंजन शर्मा जी हैं।इस ग्रंथ के आवरण संयोजन में मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय जी एवं विवेक भूषण जी ने सहयोग किया है।इस विशेष रचना का प्रकाशन ‘ज्योतिर्मठ प्रकाशन सेवालय’ द्वारा किया गया है।

अष्ट भैरव दर्शन यात्रा एवं ग्रंथ समर्पण

ग्रंथ के विमोचन के उपरांत, परमधर्माधिश शंकराचार्य जी महाराज के अनन्य शिष्य अधिवक्ता पंडित रमेश उपाध्याय जी ने आठ समर्पित भक्तों के दल के साथ ‘अष्ट भैरव दर्शन यात्रा’ प्रारंभ की।इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान दल ने सभी आठों भैरव मंदिरों में दर्शन-पूजन किया और प्रत्येक मंदिर में यह नवनिर्मित ‘अष्ट भैरव’ ग्रंथ सप्रेम समर्पित किया।

उक्त जानकारी शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने दी है।

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