इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कल 08 सितंबर को फैसला अपलोड किया है। आप वाली फोटो में जो 4 बातें हैं वो आकृति चौधरी NSA केस की हैं:
कोर्ट ने क्या-क्या कहा – मेधा रूपम मामले में
मामला क्या था: अप्रैल 2026 में नोएडा में मजदूरों ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने को लेकर प्रदर्शन किया था। हिंसा के आरोप में DU की छात्रा और सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी को 13 मई को NSA (रासुका) में बंद कर दिया था। आदेश DM मेधा रूपम ने जारी किया था।
हाईकोर्ट की 5 बड़ी टिप्पणियां:
- ‘अधिकारियों को बहुत अधिकार इसलिए दिए जाते हैं ताकि वे नागरिकों की स्थिति और बेहतर कर सकें’ – ये पद जनता की सेवा के लिए है।
- ‘अधिकारियों को याद रखना चाहिए कि उनकी जिम्मेदारी संविधान के प्रति है न कि सरकार में बैठे नेताओं के प्रति’ – कोर्ट ने कहा निष्ठा संविधान से होनी चाहिए।
- ‘अगर अधिकारी ईमानदारी से काम करेंगे तो नागरिक उन्हें इतना सम्मान देंगे कि खुद देवता भी उस सम्मान से ईर्ष्या करेंगे’
- ‘अधिकारियों को गलत काम करने से नहीं रोका गया तो वे उत्तर प्रदेश को भयावह समाज बना देंगे – UP जल्द ही ऑरवेलियन डिस्टोपिया बन जाएगा’ – मतलब ऐसी जगह जहां सरकार का हर चीज पर नियंत्रण हो और लोगों की आजादी न हो।
- DM के फैसले को ‘उपहास के लायक’ और ‘दमनकारी’ बताया – कोर्ट ने कहा DM ने पुलिस रिपोर्ट पर बिना दिमाग लगाए, बिना निष्पक्ष विचार किए NSA आदेश जारी कर दिया ताकि जनता में डर का माहौल बने।
कोर्ट का आदेश:
- आकृति चौधरी की NSA हिरासत रद्द, तुरंत रिहा करने का आदेश
- 5 लाख रुपये मुआवजा – ये पैसा सरकारी खजाने से नहीं, बल्कि DM मेधा रूपम से लेकर SHO तक सभी जिम्मेदार अधिकारियों की सैलरी से वसूला जाएगा
- कोर्ट ने कहा – आकृति को ‘मनगढ़ंत कहानी’ के आधार पर हिरासत में लिया गया था 5385b7b7947a
नोट: आकृति अभी भी जेल में हैं क्योंकि उन पर इस आंदोलन में 11 FIR हैं, 6 में जमानत बाकी है। NSA हटना सिर्फ एक राहत है

