कप्तान अरूणा भारती के कुशल नेतृत्व में जीआरपी हरिद्वार को मिली अभूतपूर्व सफलता

मनोज ठाकुर

जीआरपी हरिद्वार

🔘कप्तान अरूणा भारती के कुशल नेतृत्व में जीआरपी हरिद्वार को मिली अभूतपूर्व सफलता

🔘गरीब मजदूरों के घर भी होगा इस दीवाली उजाला, जीआरपी हरिद्वार पुलिस ने ठगी गई रकम पकड़कर रोशन🪔की मजदूरों की दीपावली🪄, वादी मजदूर गद्-गद्

🔘मामा टीटी गैंग का जीआरपी हरिद्वार पुलिस ने किया पर्दाफाश

🔘”मेरे मामा टीटी हैं” कहकर गरीब मजदूरों के अकाउंट से 1 लाख चुराने वाले 5 शातिरों को जीआरपी हरिद्वार ने भेजा जेल⛓️

🔘25 हजार कैश व वादी का मोबाइल बरामद, 50 हजार रुपए कराए फ्रीज

🔘महज 19 से 24 साल के हैं सभी पांचों अभियुक्त सौरभ, सुमित, कृष्ण कुमार, जितेंद्र चौधरी व बंटी कुमार

🔘पांचों शातिर अपने मासूम चेहरे का उठाते थे फायदा, विश्वास हासिल करने को पीड़ित से करते थे बिहारी भाषा में बातें

🔘बिहार और पश्चिम बंगाल के मेहनत मजदूरीकश लोगों को ही करते थे टारगेट, पांचों शातिर बिहार के

🔘गरीब लोगों के जनरल टिकट को एसी कोच में तब्दील करने का देते थे झांसा, एसी कोच में बैठने हेतु रेलवे का नियम बताकर पीड़ित का मोबाइल, पिन कोड, बैग, कैश रुपए आदि सब ले लेते थे

🔘दीपावली से पहले अपने बच्चों के लिए पिछले 10 महीनों से पैसे जोड़ रहा था पीड़ित, शातिर ठगों ने 1 झटके में अकाउंट किया खाली

🔘सीओ जीआरपी अनुज के अनुभव एवं दिए गए टिप्स ‌पर मिली सफलता

🔘जीआरपी हरिद्वार पुलिस की इस शानदार सफलता पर स्थानीय जनता द्वारा दी गई पुलिसकर्मियों को बधाई

🔘 कप्तान द्वारा पुलिस टीम को ढाई हजार ईनाम की घोषणा

🟣”ऐसे लोगों का पकड़ा जाना जरूरी है जो गरीबों की गाढ़े खून पसीने की कमाई को चुराते हैं, मुझे खुशी है कि हमारी टीम ने बेहतर काम किया है हम जल्दी ही फ्रीज की हुई धनराशि को दीपावली से पहले पीड़ित के अकाउंट में वापस लौटाएंगे” :: अरुण भारती कप्तान जीआरपी

              🫧🫧🫧🫧🫧

कप्तान जीआरपी अरुणा भारती के कुशल नेतृत्व एवं सीओ जीआरपी अनुज के अनुभव एवं दिए गए टिप्स पर काम करते हुए जीआरपी हरिद्वार पुलिस ने दीपावली से पहले गरीब मजदूर के घर की रोशनी को जगमगाए रखने का सफल प्रयास किया है। “मेरे मामा टीटी हैं” कहकर भोले-भाले गरीब मजदूर तबके के लोगों को अपना शिकार बनाने वाले शातिरों को जीआरपी हरिद्वार पुलिस ने जेल की सलाखों के पीछे भेजकर ऐसे लोगों को कड़ा संदेश दिया है।

कभी-कभी इंसान लालच में ऐसा अंधा हो जाता है कि वह अच्छे और बुरे का फर्क ही महसूस नहीं कर पाता और फिर बाद में पछताता है। ऐसा ही कुछ हुआ है रेलवे स्टेशन हरिद्वार में। आजकल त्यौहार का सीजन है और हर व्यक्ति अपने घर जाने की जल्दी में है। ऐसे मौकों पर भीड़ के बीच सीधे-साधे लोगों को ठगने वाले लोगों की भी कमी नहीं है

क्या विडंबना है कि एक तरफ पीड़ित मजदूर विगत 10 महीनों से दीपावली में अपने बच्चों के पास जाने के लिए मजदूरी कर पाई-पाई करके पैसे जोड़ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ ऐसे लोग भी है जो इस प्रकार के सीधे-साधे लोगों को लूटने के लिए 1000 किलोमीटर दूर बिहार से हरिद्वार आकर अपनी चिकनी चुपड़ी बातों में फंसा कर ऐसे सीधे सादे लोगों का अकाउंट एक झटके में खाली कर रहे हैं और पलक झपकते ही गायब हो जा रहे हैं। ऐसे ही शातिरों को चुन-चुनकर जेल भेजने का काम कर रही है जीआरपी हरिद्वार पुलिस।।

🟢क्या थी घटना–

दिनांक 10-10-2026 की रात्रि पीड़ित मजदूर (वादी) बिस्वजीत सौरेन पुत्र सीताराम सौरेन नि0 ग्राम बेलियाबाथन, थाना-जे.के.नगर जिला बर्धमान पं0बंगाल व इसका साथी/पीड़ित रंजीत कोरा पुत्र समरा कोरा नि0 उपरोक्त दोनों लगभग साल भर हरिद्वार में दिहाड़ी मजदूरी कर दो पैसे अपने अकाउंट में जोड़कर दशहरा / दीपावली में अपने घर बर्धमान पश्चिम बंगाल जाने हेतु कुंभ एक्सप्रेस ट्रेन से रेलवे स्टेशन आसनसोल जाने के लिए हरिद्वार रेलवे स्टेशन आए और जनरल के दो टिकट लिए। ट्रेन आने का इंतजार करने के दौरान इनको दो व्यक्ति (ठग) मिले जिन्होंने इनसे बात कर बताया कि हम भी बिहार जा रहे हैं एवं बताया कि “हमारे मामा रेलवे में टीटी हैं” जो तुम्हारे जनरल टिकट को एसी थर्ड कोच स्लीपर में बदलवा देंगे। दोनों ठगों द्वारा थोड़ी देर इनसे बिहारी भाषा में बात कर पूरी तरह विश्वास में लेकर अपने तीसरे साथी “फर्जी टीटी” रिश्तेदार से मिलवाया जिसने थोड़ी देर इनको समझाने के बाद अपने बाकी दो फर्जी साथियों की मदद से पीड़ित को रेलवे में एसी कोच में जाने का नियम बताया कि एसी कोच में जाने से पहले सामान की पूरी जानकारी देनी होती है, सब सामान, मोबाइल पिन कोड, बैग, कपड़े इत्यादि सब कुछ पहले रेलवे में जमा हो जाता है एक रसीद मिलती है उस रसीद को दिखाकर स्टेशन आने पर वह सामान, रुपया पैसा सब वापस मिल जाता है। मेहनत मजदूरी करने वाले बेहद सीधे-साधे दोनों वादीगण उपरोक्त इनकी बातों में आ गए और ₹12000 कैश, अपना मोबाइल फोन, पिन कोड, बैग कपड़े-लत्ते सब इनको दे दिए और ठगों के बताए स्थान पर कई घंटे बैठे रहे व अपने जमा किए हुए सामान की रसीद का इंतजार करते रहे। अगले दिन शक होने पर बैंक से जानकारी करने पर इनको पता चला कि ठगों द्वारा इनके अकाउंट से ₹90500 निकाल लिया गया है जिसपर पीड़ित बेहद परेशान हालत में थाना जीआरपी हरिद्वार पहुंचे जहां तत्काल मुकदमा अपराध संख्या – 72/26 धारा 303(2), 318 बीएनएस बनाम अज्ञात पंजीकृत कर शातिर पांच ठगों की तलाश की गई।

🟡किसी पिक्चर की मूवी का सीन क्रिएट कर देते थे शातिर ठग–

मामा टीटी गैंग के ठग इतने शातिर थे कि बेहद पेशेवर तरीके से अपना काम करते थे और पीड़ित पूरी तरीके से इनके विश्वास में रहता था। गैंग के दो सदस्य भोले-भाले लोगों की तलाश करते थे और अपनी लच्छेदार बातों में फंसाकर अपने तीसरे सदस्य “फर्जी मामा टीटी” से मिलवाते थे जो बिल्कुल टीटी के अंदाज में बात करता था और अपने ग्रुप के बाकी दो सदस्यों से मिलवाता था जो एसी कोच में जाने का नियम बताकर पीड़ित व्यक्ति का सब कुछ अपने पास जमा करवा लेते थे यहां तक कि पिन कोड भी पूछ लेते थे और कुछ ही मिनटों में पीड़ित का पूरा अकाउंट साफ कर देते थे और पुलिस के पकड़े जाने से पहले ही उस स्थान को छोड़कर चले जाते थे इसी कारण कभी पकडे नहीं गए लेकिन जीआरपी हरिद्वार पुलिस इनसे ज्यादा तेज निकली और इन पांचों को सलाखों⛓️ के पीछे पहुंचा दिया जहां इनकी दिवाली इस बार अंधेरी कोठरी में बीतेगी।

🟠जीआरपी हरिद्वार पुलिस ने फेल की शातिरों की चाल, भागने से ऐन पहले पांचो को पकड़ा–

सीओ जीआरपी अनुज के अनुभव एवं निकट पर्यवेक्षण में काम कर रही जीआरपी हरिद्वार पुलिस ने मैन्युअल पुलिसिंग, सीसीटीवी कैमरों, मुखबिर तंत्र एवं वादी द्वारा अभियुक्तों के बताए हुलिए, बात करने के तरीके, वेशभूषा आदि की मदद से 30 घंटे के भीतर पांच शातिर ठग अभियुक्तों सौरभ, सुमित, कृष्ण कुमार, जितेंद्र चौधरी व बंटी कुमार को हरिद्वार रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया से दबोचा। पांचों शातिर अभियुक्त भागने की फिराक में थे और बिहार की तरफ जाने वाली ट्रेन का “घुप्प अंधेरे में बैठकर” इंतजार कर रहे थे लेकिन तेजतर्रार जीआरपी हरिद्वार पुलिस द्वारा पकड़े गए। जिनके कब्जे से पीड़ित के चोरी किए गए ₹25000 नगद प्राप्त हुए जो सभी ने आपस में बराबर बराबर बांटे हुए थे। इनके कब्जे से पीड़ित का वनप्लस का मोबाइल एवं बैग भी बरामद हुआ साथ ही यह जानकारी मिली कि इनके द्वारा ₹50000 रुपए एक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए हैं जिसको विवेचक श्यामदास द्वारा बैंक से पत्राचार कर फ्रीज करवाया गया एवं जिनको जल्दी ही वादी/पीड़ित के अकाउंट में वापस करवाया जाएगा।

🔴 महंगे शौक और पैसों के लालच में आए थे हरिद्वार–

▫️अभियुक्त सौरभ- पांच भाई बहनों में सबसे छोटा है व 9वीं पास है और बिहार में दिहाड़ी मजदूरी का कार्य करता है। महंगी बाइक और ज्यादा पैसे कमाने के लिए हरिद्वार आया और फर्जी टीटी बनकर गलत तरीके से पैसा कमाने लगा। महंगी बाइक का सपना अधूरा रह गया।

▫️अभियुक्त सुमित कुमार- चार भाई बहनों में सबसे छोटा व 12वीं पास है जो मुंगेर , बिहार में ऑटो चलाता था और वहीं की एक लोकल कंपनी में काम करता था। पिता मज़दूरी का कार्य करते हैं। एक बढ़िया मोबाइल फोन लेना था और हरिद्वार में भीड़ भी ज्यादा रहती है इसलिए कम समय में ज्यादा पैसा कमाने हरिद्वार आया लेकिन ख्वाहिश अधूरी रह गई।

▫️अभियुक्त किशन कुमार- पांच भाई बहनों में सबसे छोटा है व 10वीं पास है। भागलपुर बिहार में सब्जी बेचता था और टाइल्स लगाने का काम करता था। महंगे कपड़े और महंगा मोबाइल लेना था इसलिए गलत संगत में पड़ गया।

▫️अभियुक्त जितेंद्र कुमार– पांच भाई बहनों में दूसरे नंबर का है व दसवीं फेल है तीन बच्चे हैं मुंगेर बिहार में राजमिस्त्री का कार्य करता है अपने बाकी दोस्तों के साथ मिलकर कम समय में ज्यादा पैसा कमाना था और महंगे शौक रखने थे लेकिन पकड़ा गया।

▫️अभियुक्त बंटी- 12वीं पास है जिसको पहले महंगे शौक, बाइक मोबाइल लेना था उसके बाद B.A में एडमिशन लेना था लेकिन गलत संगत और रास्ता अपनाने से पहुंच गया जेल।

सभी आसपास के गांव के हैं। आजकल त्यौहारी सीजन में ज्यादा भीड़ का फायदा उठाकर व ज्यादा पैसा कमाने के लालच में हरिद्वार आए थे। सभी अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।

🛑 बढ़ी धाराएं —

अभियुक्तो की गिरफ्तारी व बरामदगी के बाद मुकदमे में धारा 317 (2) एवं धारा 3(5) बीएनएस बढ़ाई गई।

🔵कप्तान एवं सीओ द्वारा पुलिस टीम को बधाई–

त्यौहारी सीजन में भारी भीड़ के बीच इस शानदार खुलासे पर कप्तान अरुणा भारती एवं सीओ जीआरपी अनुज द्वारा पूरी पुलिस टीम की हौसला-अफजाई करते हुए आजकल रेलवे स्टेशनों में भारी भीड़ को देखते हुए समस्त पुलिस बल को सतर्क दृष्टि रखने हेतु प्रेरित किया गया। कप्तान द्वारा पुलिस टीम को ढाई हजार ईनाम की घोषणा की गई है।

⚪बरामदगी-

1- ₹ 25000 रुपए नगद
2- वादी का मोबाइल वनप्लस
(कीमत 17300)
3- ट्रांसफर किए गए ₹49999 को “अकाउंट फ्रीज” करवाया गया। (जिनको विभागीय प्रक्रियाओं के बाद कुछ ही दिन में वादी के अकाउंट में वापस करवाया जाएगा)

🟤नाम अभियुक्तगण —

1- सौरभ पुत्र मुनेश्वर मंडल निवासी – गांव पिरपहार थाना मुफस्सिल पोस्ट बेनीगीर जिला मुंगेर बिहार, उम्र 24वर्ष

2 -सुमित पुत्र चंद मंडल निवासी – ग्राम नयाटोला चंदनपार थाना कासिम बाजार जिला मुंगेर बिहार, उम्र-20 वर्ष

3- किशन कुमार पुत्र शंकर मंडल निवासी- ग्राम लैलत मलखा पोस्ट- मलखा थाना सबोर जिला भागलपुर बिहार, उम्र-19 वर्ष

4- जितेंद्र कुमार चौधरी पुत्र अमर चौधरी निवासी ग्राम नयाटोला चंदनपार थाना कासिम बाजार जिला मुंगेर बिहार, उम्र-24 वर्ष

5- बंटी कुमार पुत्र बबलू ताती निवासी- ग्राम कटारिया काली स्थान थाना मुफस्सिल जिला मुंगेर उम्र 20 वर्ष

🏁पुलिस टीम (जीआरपी हरिद्वार) —
1- SHO बिपिन चन्द्र पाठक
2- SI प्रीति कर्णवाल
3- ASI अतुल चौहान
4- ASI श्यामसुंदर दास
5- ASI कैलाश नाथ
6- HC पृथ्वी नेगी
7- HC अनिल कुमार
8- कानि0 राजकुमार
09-कानि0 अंकुर रोड
10-कानि0 नैथेनियल भट्टी
11-कानि0 खलील जावेद
12-कानि0 राहुल कुमार
13-कानि0 अभिषेक कुमार
14-कानि0 मुकेश कुमार
15- कानि0 संदीप राणा
16-कानि0 राजीव कुमार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *