अयोध्या में राम मंदिर दान में कथित चोरी के प्रकरण के बीच निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास महाराज का बयान सामने आया है।
उन्होंने बताया कि एसआईटी ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तैयार कर पेश कर दिया है पर अभी तक उनसे कोई पूछताछ नहीं की गई है।
महंत दिनेंद्र दास महाराज राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं। जिन्हें मंदिर ट्रस्ट ने शुरू से हाशिए पर रखा। कारण वे संघ परिवार की विचारधारा के नहीं हैं। जबकि पूरी व्यवस्था संघ व विहिप से जुड़े तीन लोगों के हाथों में चलती रही। जिसमें गोपाल राव व ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय के करीबी राम शंकर यादव टिन्नू जैसे बाहरी लोगों का दबदबा कायम रहा है। महंत दिनेंद दास सरल स्वभाव के संत हैं। उन्होंने कभी किसी पद की लालसा नहीं दिखाई। वे कहते हैं कि मैं रामजी के दर्शन मिलने से ही संतुष्ट रहा।

