अयोध्या: राम मंदिर के चढ़ावा में गबन प्रकरण की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीशों से कराई जाएगी और शीघ्र ही श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी प्रेस के सामने वक्तव्य देकर भ्रम की स्थिति को साफ करेंगे।
यह निर्णय गुरुवार को लखनऊ में हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया है।
इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश भय्याजी जोशी के साथ ट्रस्ट महासचिव चंपतराय, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि, सदस्य नृपेंद्र मिश्र, डा. अनिल कुमार मिश्र व कृष्ण मोहन और राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव उपस्थित रहे।
चार घंटे तक चली बैठक में विस्तृत विचार-विमर्श के पश्चात रिटायर जजों की समिति गठित करके मामले की जांच कराने और प्रेस वक्तव्य देने का निर्णय लिया गया। इसका विस्तृत प्रारूप भी तय किया गया है।
बैठक में ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बताया कि श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारी राम मंदिर के दानपात्र में नकद चढ़ावे का आंतरिक आडिट कर रहे हैं। इस बीच संचार माध्यमों से आ रहीं विभिन्न खबरों के कारण भक्तों में उत्पन्न हुई भ्रम की स्थिति का निवारण करने के लिए जांच समिति गठित की जाएगी। इस समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश सम्मिलित होंगे। यह जांच समिति शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

