मनोज ठाकुऱ
अतिक्रमण हटाओ अभियान बना संग्राम! अपर रोड पर व्यापारी और नगर निगम आमने-सामने
अतिक्रमण हटाओ अभियान बना रणभूमि: अपर रोड पर व्यापारी और नगर निगम आमने-सामने, तीर्थनगरी की सड़कों पर बिखरी गंदगी

‘नगर निगम मुर्दाबाद’ के नारों से गूंजा अपर रोड, अर्धकुंभ से पहले हरिद्वार की छवि पर बड़ा सवाल
हरिद्वार। यात्रा सीजन और आगामी अर्धकुंभ मेले की तैयारियों के बीच धर्म की राजधानी कही जाने वाली तीर्थनगरी हरिद्वार में गुरुवार को ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने हरिद्वार की मान-मर्यादा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए।
विश्वविख्यात हरिद्वार के अपर रोड क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंचे नगर निगम अधिकारियों और व्यापारियों के बीच तीखी नोकझोंक ने देखते ही देखते विवाद का रूप ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नगर निगम की टीम व्यापारियों को समझाने पहुंची थी कि वे अपनी दुकानों का सामान नालों के पीछे निर्धारित सीमा के भीतर रखें, ताकि श्रद्धालुओं के आवागमन में बाधा उत्पन्न न हो और अतिक्रमण हटाने के अभियान को सफल बनाया जा सके। लेकिन कई व्यापारियों ने इसका विरोध करते हुए अपना सामान हटाने से इंकार कर दिया।
व्यापारियों ने किया अधिकारियों का घेराव, लगे ‘नगर निगम मुर्दाबाद’ के नारे
‘नगर निगम मुर्दाबाद’ के नारों से गूंजा हरिद्वार, सड़कों पर फैली गंदगी ने बढ़ाई चिंता
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब गुस्साए व्यापारियों ने नगर निगम अधिकारियों का घेराव कर दिया और “नगर निगम मुर्दाबाद” के नारे लगाने शुरू कर दिए। अधिकारियों ने व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों पक्षों के बीच बातचीत बेनतीजा रही।
देखते ही देखते अपर रोड का माहौल गर्मा गया और आसपास भारी भीड़ एकत्र हो गई।
गुस्से में निगम कर्मचारियों ने फैलाई गंदगी!
अर्धकुंभ से पहले तीर्थनगरी की साख पर सवाल, श्रद्धालुओं के मार्ग पर बिखरा कूड़ा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद के दौरान नगर निगम कर्मचारियों ने गंदगी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को व्यापारियों की दुकानों के सामने और सड़क पर खाली कर दिया। कुछ ही देर में वह मार्ग, जहां से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु गुजरते हैं, गंदगी के ढेर में तब्दील होता दिखाई दिया।
यह दृश्य देखकर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में भी नाराजगी देखने को मिली।

धर्मनगरी में हंगामा: दुकानदारों का घेराव, निगम कर्मचारियों की कार्रवाई पर उठे सवाल
श्रद्धालुओं की आस्था के साथ स्वास्थ्य पर भी संकट
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जिस मार्ग से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु गुजरते हैं, यदि वहां फैली गंदगी के कारण बीमारियां फैलती हैं, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
क्या श्रद्धालु हरिद्वार इसलिए आते हैं कि उन्हें गंदगी, अव्यवस्था और विवादों का सामना करना पड़े?
या फिर वे यहां अपनी आत्मिक शांति, मां गंगा के दर्शन और आध्यात्मिक अनुभूति के लिए आते हैं?
पाप धोने आए श्रद्धालुओं को मिली गंदगी और विवाद की सौगात? हरिद्वार की व्यवस्था कटघरे में
तीर्थनगरी की गरिमा पर लगा सवाल
दुखद पहलू यह है कि जिस हरिद्वार को धर्म की राजधानी और आस्था का केंद्र कहा जाता है, वहीं व्यापारी पीछे हटने को तैयार नहीं दिखाई दिए और दूसरी ओर नगर निगम के कर्मचारियों की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आ गई।
यदि प्रशासनिक कार्रवाई का स्वरूप ही गंदगी फैलाने वाला हो जाए और व्यापारिक हित तीर्थ की मर्यादा से ऊपर रखे जाने लगें, तो यह स्थिति केवल एक प्रशासनिक विवाद नहीं रह जाती, बल्कि तीर्थ की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली घटना बन जाती है।
अर्धकुंभ से पहले प्रशासन के लिए चेतावनी
आगामी अर्धकुंभ में लाखों श्रद्धालुओं के हरिद्वार आने की संभावना है। ऐसे में यह घटना प्रशासन और व्यापारिक संगठनों दोनों के लिए एक चेतावनी है कि यदि समय रहते संवाद, अनुशासन और संवेदनशीलता का परिचय नहीं दिया गया, तो तीर्थनगरी की छवि पर गहरा आघात पहुंच सकता है।
हरिद्वार हर की पौड़ी क्षेत्र की दुकान बंद होने से यात्री हुए परेशान
समाचार लिखे जाने तक बड़ी संख्या में व्यापारी कोतवाली हरिद्वार में एकत्रित थे और पूरे घटनाक्रम को लेकर आगे की रणनीति बना रहे
धर्म की राजधानी की पहचान केवल मंदिरों और घाटों से नहीं होती, बल्कि वहां की व्यवस्था, स्वच्छता, अनुशासन और श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशीलता से होती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और व्यापारी मिलकर समाधान का रास्ता निकालते हैं या यह विवाद तीर्थ की प्रतिष्ठा पर और गहरे सवाल खड़े करेगा।
नगर निगम कर्मचारी और व्यापारियों के बीच में विवाद में आया नया मोड़
जब व्यापारियों के द्वारा पूरे हरिद्वार की दुकानों को बंद कर आंदोलन में सम्मिलित हुए
अतिक्रमण को लेकर व्यापारी और नगर निगम के कर्मचारियों के साथ विभाग एक और सफाई कर्मचारियों के द्वारा व्यापारीयो की दुकान के सामने कूड़ा डालने को लेकर पूरे हरिद्वार के व्यापारीयो और सामाजिक संगठन एकत्र होकऱ नगर निगम के कर्मचारियों के खिलाफ खुलकर विराेध प्रदर्शन किया गया नगर निगम के कर्मचारियों को सस्पेंड करने एवं कूड़ा उठाने के साथ-साथ अवैध अतिक्रमण के खिलाफ गलत तरीके से व्यापारियों को परेशान करने के मुद्दे को ले कर हरिद्वार के व्यापारियों के द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है जिसमें गंगा सभा के उज्ज्वल पंडित चक्रपाणि संजय पालीवाल राज्य मंत्री ओमप्रकाश जगदंबी जी प्रांतीय उद्योग व्यापार के जिला अध्यक्ष राजीव पराशर जी नगर अध्यक्ष अमन शर्मा हिमांशु गुप्ता संजीव नेयर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शुभम गिरी जी कांग्रेस के नगर अध्यक्ष अमन गर्ग कृष्ण बजाज जी विष्णु अरोड़ा संदीप अमित सोनू ठाकुर बिट्टू पालीवाल राजेंद्र शर्मा

