लखनऊ के गोमती नगर निवासी नीलू ने आर्थिक तंगी के बावजूद नीट (NEET) परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली है।
नीलू की मां राजकुमारी घरों में झाड़ू-पोछा का काम करती हैं और एक अस्पताल में सहायक हैं। उनकी मासिक आय मात्र 10-11 हजार रुपये है।
जब नीलू आठवीं कक्षा में थीं, तब पैसों के अभाव में सही इलाज न मिल पाने के कारण उनके पिता का निधन हो गया था। इसी घटना ने उन्हें एक सफल कार्डियोलॉजिस्ट बनने के लिए प्रेरित किया। पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाली नीलू ने 10वीं में 86% और 12वीं बोर्ड में 94% अंक हासिल किए हैं।
अब नीलू को देश की प्रतिष्ठित ‘वहानी स्कॉलरशिप’ (Vahani Scholarship) के लिए चुना गया है, जो देशभर के केवल 50 मेधावी छात्रों को दी जाती है। इस स्कॉलरशिप के जरिए उनकी मेडिकल पढ़ाई और ट्यूशन फीस का पूरा खर्च उठाया जाएगा। अपनी इस सफलता के जरिए नीलू भविष्य में गरीब और जरूरतमंद मरीजों का समय पर इलाज करना चाहती हैं, ताकि किसी अन्य परिवार को पैसों की कमी के कारण अपने प्रियजनों को न खोना पड़े।

