उत्तराखंड पुलिस से निवेदन है कि सभी आश्रमों में इनकी जांच होनी चाहिए इस तरीके के और भी लोग हो सकते हैं और उनकी आईडी फर्जी किस आधार पर बनाते हैं उनकी भी जांच होनी चाहिए कौन लोग इसके पीछे
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष सभी निवेदन है कि साधुओं की एक आईडी जारी करें ताकि आश्रमों में भी गलती हो सके अभी हाल ही में उज्जैन के अंदर वे अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष द्वारा साधुओं की पहचान को लेकर बयान दिया गया था जो सही है
लक्ष्मण झूला क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो वर्षों से हिंदू धर्मगुरु बनकर अवैध रूप से भारत में रह रहा था। आरोपी की पहचान सनीउर रहमान के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश का निवासी है।
पुलिस के अनुसार, सनीउर रहमान वर्ष 2016 में नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था, लेकिन वापस नहीं लौटा और यहीं फर्जी पहचान के सहारे रहने लगा। उसने “सत्यसाधु” और “सत्यनिष्ठ आर्य” नाम से अपनी नई पहचान बनाई और इसी नाम पर फर्जी आधार कार्ड भी तैयार कर लिया सत्यसाधु बनकर रह रहा था सनीउर रहमान ऋषिकेश से गिरफ्तार, देता था चैनलों पर प्रवचन, कौन है
Satya Sadhu Arrested in Rishikesh सत्यसाधु बनकर रह रहा था सनीउर रहमान ऋषिकेश से गिरफ्तार, देता था चैनलों पर प्रवचन, कौन है
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी खुद को हिंदू धर्मगुरु बताकर धर्म और दर्शन पर प्रवचन देता था। इतना ही नहीं, वह कुछ संगठनों से भी जुड़ा हुआ था और टीवी चैनलों पर इंटरव्यू देता था। हेट स्पीच देने को लेकर भी वह चर्चा में रहलिस ने बताया कि आरोपी हाल ही में परमार्थ निकेतन आश्रम में इंटरव्यू देने आया था। इसी दौरान संदेह के आधार पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसकी असलियत सामने आ गई। तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से बांग्लादेशी पासपोर्ट (जिसकी वैधता समाप्त हो चुकी थी) और अन्य फर्जी दस्तावेज पुलिस को मिले विशेष चीज का होना चाहिए किसके कागज के साथ पूर्व किसने बनाई इसकी भी जांच कंप्यूटर से होनी चाहिए इस तरह के उत्तराखंड के अंदर काफी संख्या में लोग हो सकते हैं जो हमारे सनातन को बदनाम करने के यह अन्य धर्म से आते

