खनन पट्टे की आड़ में रात भर चलता है अवैध खनन का सिलसिला टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में धड़ल्ले से रात के अंधेरे में हो रहा है अवैध खनन

ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद भी वन विभाग के अधिकारी नहीं लेते कोई संज्ञान

बंजारेवाला ग्रंट | 06 जून 2026


राजाजी टाइगर रिजर्व की चिल्लावाली रेंज से निकलने वाली सूकरो/चिल्लावाली नदी के ईको सेंसेटिव जोन में आज फिर से खनन गतिविधियों को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

खनन विभाग की गाइडलाइन के अनुसार सुबह 6:00 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे तक होती है खनन करने की स्वीकृति परंतु खनन माफियाओं के द्वारा सभी गाइडलाइन को नजरअंदाज किया जा रहा है और रात के अंधेरे में धडेले से चल रही है वेद मशीन

ग्रामीणों का दावा है कि रात लगभग 1:00 बजे से नदी क्षेत्र में मशीनों और वाहनों की गतिविधियां शुरू हो गई थीं, जिसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई।


ग्रामीणों के अनुसार, सूचना मिलने पर वन विभाग की ओर से “टीम भेजने” की बात कही गई। आरोप है कि रात लगभग 3 बजे फिर संपर्क करने पर भी अधिकारियों द्वारा रास्ते में होने की बात कही गई, लेकिन मौके पर पहुंचने में काफी देर हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात 1 बजे से सुबह लगभग 6 बजे तक गतिविधियां जारी रहीं,इससे क्षेत्र में विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो स्थिति की वास्तविकता मौके पर देखी जा सकती थी। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद प्रभावी और त्वरित हस्तक्षेप नहीं हुआ।

“लगातार मिल रही शिकायतों, रात्रिकालीन गतिविधियों और समय पर कार्रवाई न होने के कारण स्थानीय लोगों में यह धारणा बनती जा रही है कि रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच होने वाली गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि परिस्थितियों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो पट्टाधारकों और स्टोन क्रेशरों को सम्बन्धित विभागों द्वारा रात के समय खुली छूट मिल रही है

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