यूपी बीजेपी की नई टीम में ब्राह्मण-ठाकुरों को साइड किया गया, पिछड़ी जातियों पर लगाया दांव; सवर्ण कार्यकर्ता नाराज़ बोले- हमारी हैसियत दरी विछाने की!, बीजेपी अखिलेश यादव के PDA की काट निकालने की कोशिश कर रही है.
विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में गुरुवार को भाजपा की नई टीम का ऐलान कर दिया गया। 64 पदाधिकारियों की इस लिस्ट में 52 लोगों को प्रदेश कार्यकारिणी यानी प्रदेश टीम में जगह मिली है। इनमें 19 उपाध्यक्ष, 19 मंत्री, 8 महामंत्री और 6 मोर्चा अध्यक्ष हैं। इसके अलावा, 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष, 3 कार्यालय मंत्री और 3 अन्य पदाधिकारी भी बनाए गए हैं। वही पार्टी के सवर्ण कार्यकर्ताओं का कहना है कि सवर्णों की हैसियत सिर्फ सगठन और सरकार में दरी विछाने की है.
सपा से बगावत करने वालीं विधायक पूजा पाल को उपाध्यक्ष बनाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह की भी प्रदेश टीम में एंट्री हुई है। उन्हें उपाध्यक्ष बनाया है। इसके अलावा, प्रतापगढ़ के रोहित मिश्रा को युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है।
यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह को मिलाकर अब 54 लोगों की टीम हो गई है। टीम में 13 महिलाएं हैं। पिछली बार की तुलना करें तो ओबीसी की संख्या 16 से बढ़कर 25 हो गई है। सामान्य वर्ग के 21 चेहरों को प्रदेश टीम में जगह मिली है।
ठाकुरों की संख्या 7 से घटकर 6 और ब्राह्मणों की संख्या 8 से घटकर 7 हो गई है। इसके अलावा 4 भूमिहार, 3 वैश्य और 1 श्रीवास्तव को जगह मिली है। अनुसूचित जाति (SC) की बात करें तो 7 लोगों को जगह दी गई है। वहीं, अनुसूचित जनजाति (ST) में सिर्फ इंजीनियर विद्याभूषण गोंड को जगह दी गई है।
52 सदस्यों की प्रदेश कार्यकारिणी में से सिर्फ 7 चेहरे रिपीट हुए हैं। पिछली कार्यकारिणी में 18 उपाध्यक्ष थे, इस बार 19 हैं। इनमें सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, मोहित बेनीवाल और धर्मेंद्र सिंह यानी 4 चेहरों को रिपीट किया गया है। बाकी 15 नए चेहरे उपाध्यक्ष बने हैं। नई टीम में 8 महामंत्री हैं। इनमें सिर्फ संजय राय रिपीट हुए हैं। बाकी 7 नए चेहरे हैं।
पिछली कार्यकारिणाी में 16 प्रदेश मंत्री थे। इस बार इनकी संख्या बढ़कर 19 की गई है। इनमें सिर्फ 2 पुराने चेहरे विजय शिवहरे और शिवभूषण सिंह शामिल किए गए हैं। बाकी 17 नए चेहरे शामिल हुए हैं। मोर्चा अध्यक्ष में भी कोई रिपीट नहीं हुआ है।

