बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री में जहाँ दो कौड़ी की शोहरत पाते ही लोग ज़मीन पर पैर रखना भूल जाते हैं और चार बाउंसरों के बिना घर से नहीं निकलते, वहाँ इस इंसान की सादगी देखकर समझ आता है कि ‘डाउन टू अर्थ’ होना असल में किसे कहते हैं!
मशहूर कॉमेडियन और एक्टर सुनील ग्रोवर ने एक बार फिर कुछ ऐसा कर दिया है जिसे देखकर पूरी सोशल मीडिया उनके सम्मान में खड़ी हो गई है।
ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट से उनका एक वीडियो सामने आया है, जहाँ वे किसी आलीशान फाइव-स्टार होटल के मखमली गद्दे पर नहीं, बल्कि गंगा किनारे फुटपाथ पर एक साधारण सी चादर बिछाकर सोते हुए नजर आ रहे हैं।
उनके बगल में उनकी चप्पलें रखी हैं और वे बिना किसी तामझाम या सुरक्षा के खामोशी से सो रहे हैं।
यह कोई पहला मौका नहीं है जब सुनील भाई ने अपनी सादगी से लोगों को चौंकाया हो:
कभी आम इंसान, कभी सुपरस्टार: वे कभी किसी गांव की दुकान पर बैठकर कपड़े प्रेस करने लगते हैं, कभी रेहड़ी पर गन्ने का रस निकालने लगते हैं, तो कभी चाय की टपरी पर आम लोगों के साथ चाय की चुस्कियां लेते दिख जाते हैं।
जड़ों से जुड़ाव: जहाँ आज का यूथ और छोटे-मोटे रील्स स्टार्स भी नकली शो-ऑफ और घमंड में डूबे रहते हैं, वहाँ सुनील ग्रोवर का यह अंदाज़ हमें याद दिलाता है कि आप कामयाबी की चाहे कितनी भी ऊँची बुलंदियों पर पहुँच जाएँ, अपनी जड़ों और सादगी को कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
लोग हैरान हैं कि करोड़ों का मालिक होने के बावजूद कोई इंसान किस मिट्टी का बना हो सकता है कि उसे फुटपाथ पर सोने में भी कोई गुरेज़ नहीं है। यही वजह है कि आज वे सिर्फ़ अपनी कॉमेडी के लिए नहीं, बल्कि अपने इस बेमिसाल और साफ़ दिल के लिए करोड़ों फैंस के पसंदीदा कलाकार हैं।
चकाचौंध और दिखावे के इस खोखले दौर में, इंसानियत और सादगी की इतनी खूबसूरत मिसाल पेश करने वाले सुनील ग्रोवर भाई को कड़क सलाम!

