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‘अदालतें दखल दे सकती हैं, हमारे हाथ बंधे नहीं हैं’, सुप्रीम कोर्ट ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को लेकर दी नसीहत
खबर:
देश में एसआईआर (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच अब सुप्रीम कोर्ट ने इशारों-इशारों में सरकार को नसीहत दे डाली है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि संवैधानिक अदालतों के पास चुनावों में दखल देने की शक्ति है। अगर असंवैधानिक या गैर-कानूनी तरीकों की वजह से चुनावों की निष्पक्षता पर खतरा आता है, तो अदालतें हस्तक्षेप कर सकती हैं। हालांकि, आम तौर पर चुनावी प्रक्रिया में न्यायिक दखल सीमित ही रहता है।
दरअसल, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने आंध्र प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी, युवाजन श्रमिक रायतू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) को अंतरिम राहत देते हुए यह टिप्पणी की। पार्टी ने आरोप लगाया कि हिंसा और बाधाओं के कारण, उनके लगभग दो-तिहाई उम्मीदवार शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अपना नामांकन दाखिल नहीं कर सके

