#उज्जैन ब्रेकिंग: ‘प्रमाण दो या रावण दहन बंद करो’ — महाकाल के पुजारी की चुनौती से दशहरे से पहले नई बहस
उज्जैन। दशहरे से ठीक पहले उज्जैन में रावण दहन की परंपरा पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। महाकाल मंदिर से जुड़े वरिष्ठ पुजारी महेश पुजारी ने रावण दहन का आयोजन करने वाली 4 संस्थाओं को कानूनी नोटिस भेजकर शास्त्रार्थ की चुनौती दी है।
पुजारी का क्या दावा है?
महेश पुजारी का कहना है कि वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में रावण वध का वर्णन तो मिलता है, लेकिन कहीं भी रावण दहन का उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि आयोजक संस्थाएं धार्मिक ग्रंथों से रावण दहन का शास्त्रीय प्रमाण दे दें तो वे अपना विरोध वापस ले लेंगे, अन्यथा इस परंपरा को बंद किया जाए।
दूसरा पक्ष क्या कहता है?
वहीं दशहरे पर रावण दहन को भगवान श्रीराम की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। आयोजकों का कहना है कि यह वर्षों पुरानी लोक परंपरा और जन-आस्था का प्रतीक है।
इस मुद्दे पर अब उज्जैन में धार्मिक परंपरा बनाम शास्त्रीय प्रमाण को लेकर बहस तेज हो गई है।

