UPCL में पारदर्शी ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं – सालों से एक ही जगह जमे कई इंजीनियर, रोटेशन नीति पर उठे सवाल

मनोज ठाकुर

🔵 बड़ी खबर | गंगा न्यूज़ 24 | हरिद्वार संस्करण

UPCL में पारदर्शी ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं – सालों से एक ही जगह जमे कई इंजीनियर, रोटेशन नीति पर उठे सवाल

हरिद्वार/देहरादून: उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) में तबादलों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ETV Bharat की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार निगम में पारदर्शी ट्रांसफर पॉलिसी का पालन नहीं हो रहा है।

आंकड़ों के मुताबिक UPCL के 357 अभियंताओं में से 96 अभियंता ऐसे हैं जो 5 साल या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं। इनमें 28 अभियंता 10 साल से अधिक और 7 अभियंता 15 साल से अधिक समय से एक ही जगह जमे हुए हैं।

जबकि उत्तराखंड वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम 2017 में सुगम क्षेत्रों में 3 से 4 साल के बाद अनिवार्य ट्रांसफर का प्रावधान है, वहीं UPCL में ट्रांसफर प्रबंधन के विवेक पर होने से रोटेशन नीति प्रभावित हो रही है।

कर्मचारी संगठनों और विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक एक ही जनपद या डिवीजन में रहने से कार्यप्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। ऐसे में UPCL में भी स्पष्ट रोटेशन और ट्रांसफर नीति लागू करने की मांग तेज हो गई है।

रिपोर्ट: ETV Bharat के आंकड़ों के आधार पर
संपादक: कुलदीप शर्मा | गंगा न्यूज़ 24, हरिद्वार

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