मनोज ठाकुर
118 वर्ष पुराने कमल दास कुटिया आश्रम पर 26 वर्षों से पुलिस का कब्जा! 92 वर्षीय महंत की पीड़ा अब प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक पहुंचेगी — आश्रम सचिव अजय गौतम
हरिद्वार।

118 वर्ष पुराने ऐतिहासिक एवं धार्मिक कमल दास कुटिया आश्रम से जुड़ा एक बेहद गंभीर और पीड़ादायक मामला सामने आया है। आश्रम के सचिव अजय गौतम ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य बनने के बाद से कमल दास कुटिया आश्रम के लगभग 100 कमरों का पुलिस विभाग द्वारा उपयोग किया जा रहा है, लेकिन पिछले 29 वर्षों से आश्रम को किराये के नाम पर कथित रूप से एक पैसा भी नहीं दिया गया।
अजय गौतम ने बताया कि वर्ष 1988 में, जब हरिद्वार उत्तर प्रदेश का हिस्सा था, तत्कालीन महंत श्री ओम प्रकाश शास्त्री जी ने पुलिस अधिकारियों की बात पर विश्वास करते हुए कमल दास कुटिया आश्रम के लगभग 100 कमरे पुलिस विभाग की उपयोग के लिए किराये पर दिए थे। वर्ष 1988 से वर्ष 1997 तक किराया प्राप्त होता रहा, लेकिन उत्तराखंड बनने की प्रक्रिया के तहत किराये का भुगतान कथित रूप से बंद हो गया।
उन्होंने कहा कि आज 29 वर्ष बीत जाने के बावजूद न तो कमल दास कुटिया आश्रम को बकाया किराया दिया गया और न ही इन कमरों को आश्रम के सुपुर्द किया गया। आश्रम की ओर से अब इन 100 कमरों को पुलिस से हर हाल में खाली करवाने तथा पिछले 29 वर्षों के पूरे बकाया किराये की वसूली की मांग की जा रही है।

अजय गौतम ने कहा कि यह स्थिति इसलिए और अधिक दुखद है क्योंकि कमल दास कुटिया आश्रम लगभग 118 वर्ष पुरानी धार्मिक धरोहर है और इसके संरक्षण एवं विकास की जिम्मेदारी आश्रम से जुड़े लोगों के साथ-साथ समाज की भी है। ऐसे में आश्रम की संपत्ति का वर्षों तक उपयोग होते रहना और उसका उचित किराया न मिलना गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा कि महंत श्री ओम प्रकाश शास्त्री जी आज 92 वर्ष के हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन आश्रम की सेवा में लगा दिया, लेकिन जीवन के इस पड़ाव पर भी उन्हें अपने ही आश्रम की संपत्ति को लेकर न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। यह स्थिति किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को व्यथित करने वाली है।
अजय गौतम के अनुसार, महंत श्री ओम प्रकाश शास्त्री जी ने इस मामले को लेकर एसपी से लेकर डीजीपी तक और सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों एवं नेताओं से गुहार लगाई। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से भी दो बार मुलाकात कर समस्या बताई गई। पूर्व डीजीपी श्री अशोक कुमार से भी कई बार संपर्क किया गया, लेकिन आश्रम का कहना है कि अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ।
अजय गौतम ने कहा कि एक अवसर पर महंत श्री ओम प्रकाश शास्त्री जी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किए जाने की स्थिति भी बनी, लेकिन बाद में वह मामला पुलिस के पक्ष में नहीं गया। आश्रम इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दस्तावेजों के आधार पर उचित कार्रवाई की मांग करता है।
उन्होंने कहा कि पुलिस का काम आम जनता की सुरक्षा करना है, किसी धार्मिक आश्रम की संपत्ति पर वर्षों तक विवाद बनाए रखना नहीं।
अजय गौतम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और उसकी सरकारें लगातार संतों, धार्मिक संस्थाओं और सनातन परंपरा के सम्मान की बात करती हैं। ऐसे में 118 वर्ष पुराने कमल दास कुटिया आश्रम की इस समस्या का समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संतों का सम्मान केवल कार्यक्रमों और मंचों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनकी वास्तविक समस्याओं का भी समाधान होना चाहिए।
अब प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक जाएगी आश्रम की आवाज
आश्रम सचिव अजय गौतम ने कहा कि राज्य सरकार और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष बार-बार मामला उठाने के बाद भी यदि समाधान नहीं होता है, तो अब कमल दास कुटिया आश्रम का पूरा मामला भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के समक्ष रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि आश्रम के पास उपलब्ध दस्तावेजों और पूरे घटनाक्रम को सामने रखते हुए यह मांग की जाएगी कि मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, पुलिस द्वारा उपयोग किए जा रहे आश्रम के 100 कमरों की स्थिति स्पष्ट की जाए, पिछले 29 वर्षों का बकाया किराया लगभग 20 करोड़ आश्रम को दिलाया जाए और कमल दास कुटिया आश्रम की संपत्ति को पुलिस के कब्जे/उपयोग से मुक्त कराकर आश्रम को वापस सौंपा जाए।
अजय गौतम ने कहा—
“यह केवल 100 कमरों का विवाद नहीं है। यह 118 वर्ष पुराने कमल दास कुटिया आश्रम की संपत्ति, 92 वर्षीय महंत की पीड़ा और वर्षों से लंबित न्याय का सवाल है। जब राज्य स्तर पर हमारी सुनवाई नहीं हो रही है, तो अब हम अपनी आवाज देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक लेकर जाएंगे।”

