- होटल अलकनंदा गंगा किनारे ∼2.73 एकड़ प्राइम प्रॉपर्टी है, 30 कमरों वाला। उत्तराखंड बनने के 21 साल बाद 2022 में UP ने उत्तराखंड को सौंपा था
- अब उत्तराखंड टूरिज्म / UIIDB इसे PPP-DBFOT मॉडल पर देने जा रहा है। सरकारी इन्वेस्ट उत्तराखंड की साइट पर इसका Concession Period 90 साल (निर्माण अवधि सहित) लिखा है
- सरकार कह रही है कि लीज 60 साल है, 90 साल की भ्रांति है, और ये 7000 बीघा वाला मामला नहीं है
GANGA NEWS 24
उत्तराखंड गठन के बाद परिसंपत्तियों का बंटवारा सबसे अहम कार्य था। हरिद्वार में गंगा किनारे स्थित होटल अलकनंदा सबसे प्राइम लोकेशन की बेशकीमती परिसंपत्ति थी, जिसे लंबी कानूनी लड़ाई के बाद UP से उत्तराखंड को मिला था।
अब सरकार इस होटल को UIIDB के माध्यम से लंबी लीज पर देने जा रही है। आधिकारिक दस्तावेजों में इसकी अवधि 90 साल (60+30) बताई जा रही है, जबकि सरकार 60 साल बता रही है। सभी जानते हैं कि इतनी लंबी लीज बेचने के समान ही होती है।
यूपी से हासिल करने की मेहनत आखिर किस काम की? पर्यटन विभाग ने टेंडर की पुष्टि की है। आखिर बेशकीमती सरकारी परिसंपत्ति को कौड़ियों के भाव निजी हाथों में देने के पीछे क्या मंशा है? और निवेश के नाम पर यह कैसे जनहित में है?
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