बच्चे के प्राइवेट पार्ट्स को चूमना पेनिट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट, केरल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
कोच्चि, 3 सितंबर। केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि बच्चे के प्राइवेट पार्ट्स को चूमना POCSO एक्ट के तहत पेनिट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट माना जाएगा।
जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने दोषी की अपील खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई 20 साल की सजा को सही ठहराया।
1 सितंबर को जारी आदेश में कोर्ट ने कहा कि जब यौन इरादे से मुंह से प्राइवेट पार्ट को छुआ जाता है, तो यह हरकत POCSO एक्ट की धारा 3(D) के तहत पेनिट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट है और धारा 4 के तहत दंडनीय है।
कोर्ट ने माना कि स्पेशल जज का यह निष्कर्ष सही है कि आरोपी ने एक्ट की धारा 5(1) और 6 के तहत अपराध किया है।

